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फ़ैक्ट चेक: मुस्लिम युवक द्वारा छेड़खानी का विरोध करने पर एक मासूम बच्ची की चाकू से गोदकर हत्या | जानिये सच्चाई

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि क मुस्लिम युवक द्वारा छेड़खानी का विरोध करने पर एक मासूम बच्ची की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। यहां यह बताना जरूरी है कि पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया पर ‘लव जिहाद’ को लेकर एक बृहद चर्चा छिड़ी हुई है| सोशल मीडिया पर एक मानसिकता विशेष से संबंध रखने वाले यूजर्स आए दिन लव जिहाद शब्द का इस्तेमाल कर तरह-तरह के वीडियो और तस्वीरें शेयर करते हैं| उत्तर प्रदेश तथा गुजरात जैसे राज्यों में कथित प्यार की आड़ में युवतियों के धर्म परिवर्तन को लेकर कानून भी बन चुका है|
इसी क्रम में सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर यह दावा किया गया कि मुस्लिम युवक द्वारा छेड़खानी का विरोध करने पर एक मासूम बच्ची की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई|

यूसर का ट्वीट
यूसर का ट्वीट

फैक्ट चेक

मुस्लिम युवक द्वारा छेड़खानी का विरोध करने पर एक मासूम बच्ची की चाकू से गोदकर हत्या के नाम से वायरल हो रहे दावे की सच्चाई जानने के लिये हमने गूगल पर सर्च करना शुरू किया। इस दौरान हमें गल सर्च से प्राप्त परिणामों में दैनिक भास्कर, अमर उजाला तथा News18 समेत कई अन्य प्रकाशनों द्वारा प्रकाशित रिपोर्ट्स प्राप्त हुईं. अमर उजाला ने अपने लेख में पीड़िता के परिजनों के हवाले से जानकारी दी कि, ‘परिजनों के अनुसार, पीड़िता स्कूल में 8वीं क्लास की छात्रा है। वह रोज अपने गांव से आरोपी के गांव में पढ़ने जाती थी। गुड्डा नाम का एक लड़का उसे आए दिन परेशान कर रहा था। इसको लेकर कई बार छात्रा के परिजनों ने उसके घरवालों से इसकी शिकायत की थी, लेकिन वह मानने को तैयार नहीं था। एक रोज़ छात्रा जब पढ़ने के लिए प्रतापपुर जा रही थी, तभी उसने छेड़खानी की। विरोध करने पर पहले तो वह शांत हो गया। इसके बाद छात्रा के घर लौटने वाले रास्ते पर पहले से ही घात लगाकर बैठ गया। जैसे ही छात्रा अपनी सहेलियों के साथ स्कूल से वापस लौट रही थी। उस पर सनकी युवक ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पीड़िता की दोनों सहेलियां डर से मौके से फरार हो गई। वहीं, पीड़िता वहां जान की भीख मांगती रही, लेकिन उसे बचाने के लिए कोई आगे नहीं आया।’
इस घटना का सांप्रदियक तनाव अथवा लव जैसे मुद्दे से भी कोई संबंध है, अथवा नहीं इस बाबत हमने पुलिस थाने में तैनात उपनिरीक्षक रविकांत दुबे से बात की. रविकांत दुबे के अनुसार, “19 दिसंबर, 2021 को घटित इस पूरे मामले में कोई भी धार्मिक एंगल नहीं है. पीड़िता और आरोपी दोनों ही एक ही धर्म से हैं. आरोपी का नाम राजिक हसन गुड्डा पुत्र अशरफ अली तथा पीड़िता का नाम ख़ुशनीना परवीन है. आरोपी के खिलाफ POCSO एक्ट की समेत कई अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। 20 दिसंबर, 2021 को गिरफ्तार आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. वर्तमान में पीड़िता का इलाज पटना मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल (PMCH) में चल रहा है.”