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ऑस्ट्रेलिया ने साइबर हमलों को प्रतिबंधित करने वाला विधेयक पारित किया

ऑस्ट्रेलियाई सीनेट ने देश की सुरक्षा के खिलाफ साइबर हमले में शामिल विदेशी हैकरों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के लिए अपनी सरकार को कानूनी ढांचा प्रदान करने वाला एक विधेयक पारित किया है। 2019 में ऑस्ट्रेलियाई संसद में प्रस्तुत किए गए बिल को 2012 के अमेरिकी कानून ‘मैग्निट्स्की अधिनियम’ के बाद तैयार किया गया था। जिसने अमेरिकी सरकार को भ्रष्ट रूसी अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने की अनुमति दी थी।

दरअसल एक टैक्स धोखाधड़ी योजना का खुलासा करने वाले मास्को टैक्स वकील सर्गेई मैग्निट्स्की को कैद किया था। इसके अपनाने के बाद अमेरिकी मैग्निट्स्की अधिनियम ने अमेरिकी सरकार को मानवाधिकारों का दुरुपयोग करने वालों और दुनियाभर में भ्रष्ट विदेशी राजनेताओं को दंडित करने के लिए एक सामान्य कानूनी ढांचा दिया है।

ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा पारित विधेयक मैग्निट्स्की अधिनियम का ऑस्ट्रेलियाई संस्करण। इसका उपयोग भ्रष्ट राजनेताओं और मानवाधिकारों के हनन को मंजूरी देने के लिए भी किया जा सकता है, लेकिन इसमें विदेशी हैकरों को दंडित करने के लिए एक क्लाज भी शामिल है।

नए कानून के तहत एक स्वीकृत इकाई आरोपियों की संपत्ति को फ्रीज कर सकती है, इसके साथ ही उनको देश में प्रवेश से भी वंचित कर सकती है।

ऑस्ट्रेलिया के विदेश मामलों के मंत्री मारिस पायने ने जारी एक बयान में कहा कि इन सुधारों से यह सुनिश्चित होगा कि ऑस्ट्रेलिया समय पर कार्रवाई कर सकता है। जिसमें समान विचारधारा वाले साझेदार शामिल हैं, जो यह हमारे राष्ट्रीय हित में है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय चिंता की गंभीर स्थितियों के लिए जिम्मेदार लोगों को प्रभावित करने, उन्हें दुनिया में कहीं भी होने से रोकने और सामान्य आबादी पर होने वाले प्रभाव को कम करना है।

आपको बता दें कि अब तक केवल यूरोपीय संघ और अमेरिका ने हैकर्स पर प्रतिबंध लगाए हैं, जबकि ऑस्ट्रेलिया आमतौर पर निंदा के बयान जारी करता है।

ऑस्ट्रेलिया सरकार द्वारा विधेयक पारित करने से संभावित लक्ष्यों में कई रैंसमवेयर ऑपरेटर और चीनी साइबर-जासूसी समूह शामिल हो सकते हैं, जो पिछले कुछ वर्षों में ऑस्ट्रेलिया के अंदर सबसे सक्रिय खतरे वाले हैकर बनकर उभरे हैं।