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फैक्ट-चेक: क्या अशोक वाटिका में सीता से जुड़ी चट्टान अयोध्या लाई गई?

सोशल मीडिया पर योगी आदित्यनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया का एक अवशेष प्राप्त करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में व्यक्तियों के एक समूह को एक विमान से अवशेष ले जाते हुए और फिर पूरे मैदान में ले जाते हुए दिखाया गया है। इस वीडियो के कैप्शन में दावा किया गया है कि यह वही चट्टान है जिस पर श्रीलंका में माता सीता, अशोक वाटिका में बैठी थीं।

रामायण के अनुसार रावण द्वारा सीता को अशोक वाटिका में बंदी बनाकर रखा गया था। यूजर्स के मुताबिक यह चट्टान अब अयोध्या को गिफ्ट की गई है और इसे निर्माणधीन राम मंदिर में लगाया जाएगा। वीडियो को आशीष जग्गी ने पोस्ट किया था जिसे कपिल मिश्रा फॉलो करते हैं। इस वीडियो को तीन लाख से अधिक व्यूज़ हैं।

आशीष जग्गी द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो
अन्य यूजर्स द्वारा पोस्ट किया गया वीडियो

फैक्ट चेक

हालांकि, वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च करने पर हमें वीडियो का असली स्रोत मिला। केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री, जी किशन रेड्डी ने 20 अक्टूबर 2021 को वास्तविक घटना की तस्वीरों के साथ वीडियो पोस्ट किया। कैप्शन में लिखा है, “आश्विन पूर्णिमा के अवसर पर श्रीलंका से पवित्र बुद्ध अवशेष के आगमन पर औपचारिक पूजा की गई और बौद्ध भिक्षुओं के आगमन पर उनका स्वागत किया गया। पवित्र अवशेष की प्रदर्शनी आज उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में अभिधम्म दिवस के अवसर पर होगी।

वास्तविक घटना के साथ मूल पोस्ट

123 प्रतिनिधियों और अभिधम्म दिवस के उपलक्ष्य में अवशेषों के साथ एक श्रीलंकाई उड़ान का स्वागत किया गया था।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट

चूंकि अवशेष का माता सीता से कोई संबंध नहीं है, इसलिये यह दावा फर्जी है, भ्रामक है।