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फैक्ट-चेक: सैनिटरी नैपकिन पर तालिबान प्रतिबंध पर सीएनएन की रिपोर्ट की वायरल तस्वीर

अफगानिस्तान में तालिबानी सत्ता आने के बाद सबसे बड़ा सवाल महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और उनके जीवनशैली को लेकर उठाया जा रहा है। तमाम ऐसी खबरें आ रही हैं जो महिलाओं की सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं है। वहीं कुछ ऐसी फेक न्यूज भी वायरल होने लगी है, जो पूरी तरह से झूठी हैं। 13 सितंबर, 2021 को तालिबान पर एक सीएनएन के लेख का स्क्रीनशॉट ट्विटर और फेसबुक पर प्रसारित होना शुरू हुआ।

लेख के स्क्रीनशॉट में दावा किया गया है कि तालिबान ने अफगानिस्तान में सैनिटरी नैपकिन पर प्रतिबंध लगा दिया है, क्योंकि यह शरिया कानून के खिलाफ है। स्क्रीनशॉट को डीडी न्यूज के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार अशोक श्रीवास्तव सहित तमाम पत्रकारों और सेलिब्रेटियों ने पोस्ट किया है। वहीं दूसरे यूजर भी इस पोस्ट को शेयर कर रहे हैं।

फैक्ट चेकः

जब इन दावों की सच्चाई की जांच के लिए हमारी टीम ने अध्ययन किया तो सामने आया ये दावा फर्जी है। दरअसल गूगल पर सर्च करने के बाद सामने आया कि यह फोटो 2016 में पहली बार इस्तेमाल किया गया था, जब जनसत्ता अखबार द्वारा महिलाओं की स्वास्थ्य को लेकर न्यूज प्रकाशित किया गया था। इस तस्वीर को दोबारा इंडिया डॉट कॉम द्वारा 2017 में इस्तेमाल किया गया था।

वहीं दूसरी ओर इस तस्वीर को जब जूम करके देखा गया तो ये साफ हो रहा है कि हेडलाइंस को सीएनएन के किसी दूसरे लेख पर कॉपी-पेस्ट किया गया है।

छेड़छाड़ के सबूत

वहीं दूसरी तरफ ये भी ध्यान देने वाली बात है कि सीएनएन की इस खबर को सिर्फ भारत में शेयर किया जा रहा है, इसका मतलब है कि सीएनएन की खबर नहीं है। इन तथ्यों की जांच से यह साबित होता है कि यह दावा झूठा और फर्जी है।