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फैक्ट-चेक: सड़क पर खून साफ करते पुलिसकर्मियों की सच्चाई!

हरियाणा में किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। किसान तीनों कृषि कानून को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। इसी कड़ी में 28 अगस्त, 2021 को किसानों के विरोध में पुलिस की लाठीचार्ज हुई। दरअसल हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की उपस्थिति में आयोजित एक कार्यक्रम के बाहर प्रदर्शन करने के लिए किसान टोल प्लाजा पहुंचे। विरोध जल्द ही बेकाबू हो गया, पुलिस ने किसानों पर लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप एक व्यक्ति की मौत हो गई ।

पुलिस के इस लाठी चार्ज की सोशल मीडिया पर खूब आलोचना हो रही है। लोग सरकार और पुलिस की कार्यवाही की जमकर निंदा कर रहे हैं। कई लोगों ने पुलिस की इस लाठीचार्ज को तालिबानी कृत्य करार दिया।

वहीं सोशल मीडिया पर इस लाठीचार्ज के बाद कुछ फेक और भ्रामक वीडियो और तस्वीरें शेयर की जाने लगी। जिनमें से एक तस्वीर में की पुलिसकर्मियों को सड़क पर खून साफ करते दिखाया गया है।

इस तस्वीर को कई यूजर्स ने ट्विटर पर पोस्ट किया, जिन्होंने दावा किया कि यह लाठीचार्ज की तस्वीर है। यह भी दावा किया जा रहा है कि पुलिसकर्मियों द्वारा जो खून साफ किया जा रहा है वह किसानों का है, जिन्हें लाठीचार्ज में चोट आई है। तस्वीर को कई अलग-अलग यूजर्स द्वारा पोस्ट किया गया था

फैक्ट चेक:

वायरल हो रहे तस्वीर की जब जांच की गई तो कई सारे तथ्य सामने आए। तस्वीर को सर्च करने पर हमने पाया कि यह तस्वीर वास्तव में 2013 की है जब कश्मीर में एक आतंकवादी हमले में सीआईएसएफ का एक जवान शहीद हो गया था। जब हमने तस्वीर को गहराई ‌से सर्च किया तो हमें घटना पर रिपोर्ट करने वाले कई समाचार लेख मिले। इंडियन एक्सप्रेस पर 2013 के लेख में इस फोटो का इस्तेमाल किया गया है।

इंडियन एक्सप्रेस पर 2013 के लेख में उपयोग की गई छवि

यह दावा फर्जी और भ्रामक है।