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फैक्ट-चेकः न्यूज मीडिया ट्विटर अकाउंट की फर्जी और भ्रामक खबरें

ट्वीटर पर मेघ अपडेट्स एक अकाउंट है, जिसे @TheMeghdoot यूजर द्वारा चलाया जाता है।  मेघ अपडेट्स अपने फॉलोवर्स के लिए देश और दुनिया की त्वरित घटनाओं की टॉप न्यूज और ब्रेकिंग न्यूज को अपने अकाउंट से पोस्ट करता है, जिससे उसके फॉलोवर्स को रियल टाइम न्यूज की जानकारी प्राप्त हो सके। ट्विटर पर मेघ अपडेट्स नाम का अकाउंट मार्च 2019 में बनाया गया था और इसके वर्तमान में 1.5 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स हो चुके हैं। इस अकाउंट को स्वराज मैग की स्वाति गोयल शर्मा और विजय पटेल जैसे वेरीफाइड हैंडल द्वारा फॉलो किया जाता है।

मेघ अपडेट्स ज्यादातर विपक्षी पार्टियों के नेताओं और अल्पसंख्यकों के बारे में खबरें पोस्ट करता है।

मेघ अपडेट्स की द्वारा पोस्ट की गई खबरों की पड़ताल

13 अगस्त 2021 को मेघ अपडेट्स द्वारा चीन और अफगानिस्तान को लेकर एक न्यूज पोस्ट की गई। इस पोस्ट में दावा किया गया कि चीन द्वारा अफगानिस्तान में तालिबानी शासन को स्वीकार किया गया है और पाकिस्तान के बाद चीन ऐसा दूसरा देश है जिसने तालिबानी शासन को औपचारिक मान्यता दी है।

जब इस तथ्य की जांच की गई तो पाया गया कि चीन की सरकार द्वारा ऐसा कोई अधिकारिक पत्र या बयान जारी नहीं किया गया है। दरअसल यूएस न्यूज नामक एक समाचार पोर्टल ने अपने सूत्रों के हवाले से खबर दी थी कि काबुल में गनी सरकार के गिरने के बाद चीन द्वारा तालिबानी सरकार को मान्यता दिया जा सकता है।

यूएस न्यूज द्वारा मूल दावा

इसके अतिरिक्त, तालिबान द्वारा अफगानिस्तान के कई क्षेत्रों पर कब्जा किए जाने पर पाकिस्तान सरकार द्वारा कोई आधिकारिक या अनौपचारिक बयान नहीं दिया गया है। इसलिए मेघ अपडेट्स का पोस्ट तथ्यहीन और गलत है।

न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा मदद मांगने की सच्चाई

12 अगस्त 2021 को मेघ अपडेट्स द्वारा एक और पोस्ट किया गया था। इस पोस्ट में दावा किया गया कि ‘भारत-विरोधी’ समाचार समूह न्यूयॉर्क टाइम्स ने काबुल से अपने पत्रकारों को निकालने में भारत की केंद्र सरकार से सहायता का अनुरोध किया है। इस ट्वीट को 15 हजार से ज्यादा लाइक और करीब 4 हजार रिट्वीट किया जा चुका है। जिसमें कई वेरीफाइट यूजर भी शामिल हैं।  

हमने इस दावे की जांच की और पाया कि पिछले सप्ताह में केंद्र सरकार और न्यूयॉर्क टाइम्स के बीच कोई आधिकारिक पत्राचार नहीं हुआ है। और ना ही किसी भी न्यूज मीडिया के वेबसाइट पर कहीं भी इसके बारे में न्यूज को पब्लिश किया गया है। हालांकि इस संदर्भ में सीएनएन नेटवर्क-18 के एडिटर आदित्य राज कौल का एक ट्वीट जरूर है। ऐसा लगता है कि इस भ्रामक खबर के लिए आदित्य के ट्वीट को आधार बनाया गया है। 

जब इस खबर की सच्चाई के लिए आदित्य राज कौल से संपर्क बनाने की कोशिश की गई तो उनकी तरफ से जवाब नहीं दिया गया। वहीं इस खबर के सही होने के संदर्भ कोई ठोस प्रमाण नहीं मिले हैं। जिससे प्रतीत होता है कि यह खबर गलत और भ्रामक है।

सउदी अरब के चीनी वैक्सीन को रिजेक्ट करने की सच्चाई

मेघ अपडेट्स द्वारा 8 अगस्त 2021 को किए गए एक पोस्ट में दावा किया गया कि सउदी अरब ने चीन की वैक्सीन सिनोफॉर्म और सिनोवैक को रिजेक्ट कर दिया है।

इस दावे की सच्चाई के लिए हमने देखा कि क्या सऊदी अरब ने वास्तव में वैक्सीन के लिए मंजूरी को अस्वीकार कर दिया था। सऊदी अरब ने वर्तमान में अपने नागरिकों को एस्ट्राजेनेका, फाइजर और मॉडर्ना वैक्सीन को मंजूरी दी है। हालांकि सऊदी अरब की सरकार ने चीनी वैक्सीन की प्रभावकारिता के लिए चिंता व्यक्त की है, लेकिन निश्चित रूप से टीकों के लिए अनुमोदन को अस्वीकार नहीं किया है। वास्तव में, 4 अगस्त को, सऊदी अरब ने बूस्टर शॉट के साथ सिनोवैक की वैक्सीन लगाए गए लोगों के प्रवेश को मंजूरी दी है। जिससे यह साबित होता है कि मेघ अपडेट्स का यह पोस्ट भ्रामक और तथ्यहीन है।

सऊदी अरब देश में प्रवेश करने वाले यात्रियों के लिए सिनोवैक को मंजूरी देता है