सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के अध्यक्ष और नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद और उनके कार्यकर्ताओं को देखा जा सकता है। इस वीडियो में चंद्रशेखर और पुलिसकर्मियों के बहस भी देखा जा सकता है। साथ ही इसी वीडियो में चंद्रशेखर की घायल अवस्था में एक तस्वीर भी है, जिसके साथ दावा किया गया है कि चंद्रशेखर आजाद झड़प में घायल हो गए हैं।
इस वीडियो को Ek Aghori #Bhumihar_Brahmin नामक यूजर ने शेयर किया है।

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि चंद्रशेखर आजाद की घायल वाली वायरल तस्वीर डिजिटली अल्टर्ड है। ओरिजिनल तस्वीर में चंद्रशेखर आजाद सोफे पर बैठे हुए हैं। वहीं आजाद समाज पार्टी (ASP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता युसुफ अंसारी ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि चंद्रशेखर आजाद घायल नहीं हुए हैं और वह पूरी तरह स्वस्थ्य हैं।
DFRAC की टीम ने वायरल तस्वीर की जांच के लिए सबसे पहले इसे गूगल पर रिवर्स सर्च किया। हमने पाया कि ओरिजिनल तस्वीर में चंद्रशेखर आजाद एक सोफे पर बैठे हुए हैं और उसमें कोई चोट का निशान नहीं है। यह तस्वीर वर्ष 2025 और वर्ष 2026 में अलग-अलग समय पर कई यूजर्स द्वारा पोस्ट की गई है। हाल ही में इस तस्वीर को Nitin Prajapati नामक यूजर द्वारा पोस्ट किया गया था, जिसमें बीएसपी में अंदरूनी कलह पर एक टिप्पणी की गई है।

हम यहां एक कोलाज दे रहे हैं, जिसमें देखा जा सकता है कि चंद्रशेखर आजाद की ओरिजिनल तस्वीर को एडिट करके उनके माथे पर पट्टी और चेहरे पर जख्म के निशान जोड़े गए हैं।

वहीं, हमने चंद्रशेखर आजाद और उनके समर्थकों की पुलिस से बहस वाली वायरल वीडियो के बारे में सर्च किया। हमने पाया कि यह वीडियो बाराबंकी का है, जहां गोंडा जाते वक्त चंद्रशेखर आजाद की पुलिसकर्मियों से बहस हो गई थी। इस वीडियो को भीम आर्मी के कई समर्थकों ने पोस्ट किया है। इंस्टाग्राम पर वायरल वीडियो को पोस्ट करते हुए shivkrchawla नामक यूजर ने लिखा, ‘बाराबंकी की घटना पर जवाब जरूरी है! लखनऊ से गोंडा जाते समय बाराबंकी में नगीना सांसद भाई Chandra Shekhar Aazad चन्द्रशेखर आजाद जी के काफिले के बीच पुलिस-प्रशासन की मौजूदगी में विरोध प्रदर्शन और कथित हमले की घटना बेहद गंभीर है। भाई चन्द्रशेखर आजाद जी ने स्पष्ट कहा है—अगर गलती करने वाले व्यक्ति को बुलाकर उसकी गलती स्वीकार नहीं कराई गई, तो मुख्यमंत्री के कार्यक्रमों में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराया जाएगा। सवाल सीधा है—कानून-व्यवस्था सबके लिए बराबर है या नहीं?
जांच हो, जिम्मेदारी तय हो और दोषियों पर कार्रवाई हो।’ इस वीडियो को bheem_army_jaunpur_news नामक यूजर ने भी पोस्ट किया है, जिसे यहां देखा जा सकता है।
जांच के दौरान हमें इस पूरे घटनाक्रम की UP Tak के यूट्यूब चैनल पर कवरेज मिली, जिसके साथ डिस्क्रिप्शन में बताया गया है, ‘गोंडा के विनोद साहनी केस को लेकर उत्तर प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। अखिलेश यादव से लेकर कांग्रेस तक विपक्षी नेताओं के गोंडा कूच के बीच आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के गोंडा जाने के बाद मामला और गरमा गया।
चंद्रशेखर आजाद के मुताबिक, गोंडा जाते वक्त शाहाबपुर टोल प्लाजा पर उनके समर्थकों को रोकने की कोशिश की गई। इसके बाद रामनगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने उन्हें रोक लिया, जहां पुलिस और चंद्रशेखर आजाद के बीच तीखी नोकझोंक हुई। चंद्रशेखर आजाद ने पुलिस पर अपने कार्यकर्ताओं के साथ बदसलूकी, जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल और धक्का-मुक्की के आरोप लगाए..चंद्रशेखर आजाद ने यह भी दावा किया कि बुढ़वल-रामनगर इलाके में उनके काफिले पर पथराव किया गया..चंद्रशेखर आजाद ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आजाद समाज पार्टी आंदोलन करेगी। हालांकि, उनके द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।’
DFRAC की टीम ने वायरल तस्वीर के बारे में और ज्यादा स्पष्टीकरण के लिए आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता युसुफ अंसारी से संपर्क किया। युसुफ अंसारी ने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि चंद्रशेखर आजाद को कोई गंभीर चोट नहीं लगी है और वह पूरी तरह से सुरक्षित हैं। हालांकि उनके काफिले की कुछ गाड़ियों पर हमले की कोशिश की गई थी।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद की शेयर की गई घायल तस्वीर एडिटेड है। इसलिए सोशल मीडिया यूजर का दावा भ्रामक है।
| Claim Review | Claim that Chandrashekhar Azad was injured in Barabanki, UP |
| Claim By | Social Media User |
| Fact check | Misleading |
Sources:
- X Post of Nitin Prajapati
- Instagram Post by Shiv Chawla
- Instagram Post by Bhim Army Jaunpur News
- News Coverage of UP Tak
- ASP Spokesperson Yusuf Ansari statement to DFRAC.
