सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा यूजर्स द्वारा एक वीडियो जमकर शेयर किया जा रहा है। इस वीडियो में लोगों को प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सेना का विरोध करते हुए जवानों को नगरोटा में प्रवेश करने से रोक दिया।
एक यूजर ने लिखा है, ‘भारतीय सैन्य कब्ज़े के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं; जम्मू-कश्मीर के लोग भारत के ख़िलाफ़ उठ खड़े हुए हैं। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय सेना को नगरोटा में प्रवेश करने से रोक दिया।’

एक अन्य यूजर ने इस वीडियो को क्वोटपोस्ट किया है, जिसे यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा भ्रामक है। नगरोटा में भारतीय सेना विरोध या भारतीय सेना को घुसने नहीं देने जैसी कोई घटना नहीं हुई है। जांच के दौरान हमें वायरल वीडियो के संदर्भ में Defence News Of INDIA नामक यूजर का एक ट्वीट मिला। इस पोस्ट में वायरल वीडियो का पूरा वर्जन अपलोड किया गया है, जिसमें लोगों को सड़क पर बैठकर प्रदर्शन करते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई है, ‘यह नगरोटा के डांसल स्थित बादसू पंचायत में, PHE विभाग के खिलाफ नगरोटा की MLA देवयानी रानी द्वारा किया गया एक धरना-प्रदर्शन था। यह प्रदर्शन पानी की अनुपलब्धता के कारण किया गया था।’
वहीं हमने बीजेपी विधायक देवयानी राणा के प्रदर्शन के संदर्भ में कुछ सर्च किया। हमें KBC News – Kashmir और Jammu Links News सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। इन मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि नगरोटा की विधायक देवयानी राणा ने अपने निर्वाचन क्षेत्र में पानी के गंभीर संकट के विरोध में डांसल में सड़क जाम कर प्रदर्शन का नेतृत्व किया, और जल शक्ति विभाग पर लापरवाही तथा प्रशासनिक विफलता का आरोप लगाया।

हमें देवयानी राणा नामक फेसबुक पेज पर भी इस प्रदर्शन की लाइव और अपलोड वीडियो मिलीं।
वहीं, आगे की जानकारी के लिए हमारी टीम ने स्थानीय पत्रकार शाह इशरत हुसैन से संपर्क किया। इशरत ने हमें बताया कि भारतीय सेना के विरोध की बात पूरी तरह से फेक है। यहां ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर जम्मू-कश्मीर में भारतीय सेना के विरोध का भ्रामक दावा किया गया है। वायरल वीडियो बीजेपी विधायक देवयानी राणा के साथ स्थानीय लोगों द्वारा जल संकट को लेकर किए गए प्रदर्शन का है। इस प्रदर्शन में सेना का विरोध नहीं किया गया था।

