सोशल मीडिया पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी का एक बयान शेयर किया गया है। जिसके साथ दावा किया जा रहा है कि तमिलनाडु में चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने DMK-कांग्रेस गठबंधन की बजाय विपक्षी AIADMK-BJP गठबंधन का प्रचार कर दिया। वीडियो में राहुल गांधी को कथित तौर पर यह कहते हुए सुना जा सकता है, “तमिलनाडु की प्रगति में AIADMKने ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। AIADMK में ऐसे नेता थे जिन्होंने वास्तव में तमिलनाडु की जनता का प्रतिनिधित्व किया ।”
इस वीडियो को शेयर करते हुए जीतेंद्र प्रताप सिंह नामक यूजर ने लिखा, ‘आज डीएमके ने पप्पू को मना कर दिया कि भाई पप्पू तुम यार तमिलनाडु आकर चुनाव प्रचार मत करो दरअसल पप्पू को यह पता ही नहीं है एआईएडीएम के का गठबंधन बीजेपी के साथ है पप्पू को डीएमके बोलना था और पप्पू एआईएडीएमके बोलकर भाजपा गठबंधन के प्रचार करने लगे भाई पप्पू को इतना प्योर माल कौन सप्लाई करता है’

वहीं इस वीडियो को कई अन्य यूजर्स द्वारा भी ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया गया है, जिसे यहां क्लिक करके देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह दावा गलत है। राहुल गांधी का आधा-अधूरा बयान शेयर कर भ्रामक दावा किया गया है। पूरे बयान में राहुल गांधी ने AIADMK और बीजेपी पर निशाना साधा था। राहुल गांधी का पूरा बयान उनके यूट्यूब चैनल पर आपलोड है। राहुल गांधी का यह कन्याकुमारी में एक जनसभा को संबोधित करने का है।
16:25 सेकेंड पर राहुल गांधी कहते हैं कि बीजेपी राज्यों की सत्ता पर कब्जा करके दिल्ली से सरकार चलाती है। बीजेपी तमिलनाडु के लोगों से यह बात सीधे तौर पर नहीं कह सकती है, इसलिए उसने तमिलनाडु की एक राजनीतिक दल पर कब्जा कर लिया। तमिलनाडु के विकास मेें AIADMK ने ऐतिहासिक भूमिदा अदा की है। AIADMK में ऐसे नेता थे जिन्होंने वास्तव में तमिलनाडु की जनता का प्रतिनिधित्व किया । लेकिन आज AIADMK सिर्फ एक खोखला ढांचा है। भ्रष्टाचार के कारण AIADMK का नेतृत्व बीजेपी के सामने आत्मसमर्पण कर चुका है। आरएसएस परोक्ष रूप से तमिलनाडु पर शासन करने की योजना बना रहा है।
हमारी इस वीडियो के संदर्भ में और ज्यादा जानकारी के लिए कांग्रेस प्रवक्ता अखिलेश प्रताप सिंह से संपर्क किया। उन्होंने खंडन करते हुए कहा कि राहुल गांधी का अधूरा वीडियो भ्रामक तरीके से आईटी सेल के माध्यम से फैलाया जा रहा है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि राहुल गांधी ने AIADMK-BJP का प्रचार नहीं किया है। उनका वायरल बयान अधूरा है। पूरे बयान में उन्होंने AIADMK-BJP पर निशाना साधा था। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।

