सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में दाढ़ी वाला एक बुजुर्ग व्यक्ति दिखाई देता है, जिसके साथ दो युवक अभद्र व्यवहार करते हुए उसका खाना सड़क पर फेंक देते हैं। इसके बाद बुजुर्ग बीच सड़क पर रोते और गिड़गिड़ाते हुए नजर आता है। वायरल वीडियो के हवाले से दावा किया जा रहा है कि दो हिंदू युवकों ने एक मुस्लिम फेरीवाले की रोज़ी-रोटी छीन ली और उसके साथ मारपीट की।

Source: X
सोशल साइट X पर वेरिफाइड यूजर SIADecoded ने यह वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि एक मुस्लिम फेरीवाले, जो दाल-चावल और फ्राइड राइस बेचकर अपना गुजारा करता था, उसके साथ दो हिंदुत्ववादी युवकों ने मारपीट की और उसकी रोज़ी-रोटी छीन ली।

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वहीं एक अन्य वेरिफाइड यूजर विक्रम ने वीडियो साझा करते हुए लिखा कि एक गरीब बुजुर्ग व्यक्ति के साथ इस तरह का व्यवहार अमानवीय है और उसकी रोज़ी-रोटी बर्बाद करना किसी भी धर्म या समाज के लिए शर्मनाक है।

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इसके अलावा, एक अन्य यूजर ने सांप्रदायिक भाषा का इस्तेमाल करते हुए दावा किया कि दो हिंदू युवकों ने एक मुस्लिम बुजुर्ग फेरीवाले की रोज़ी-रोटी छीन ली।
फैक्ट चेक:



वायरल वीडियो के दावे की जांच के लिए DFRAC ने वीडियो के कीफ्रेम निकालकर रिवर्स सर्च किया। जांच के दौरान यही वीडियो फेसबुक पर मिला। यह वीडियो 27 फरवरी, 5 मार्च और 12 मार्च 2026 को यूजर मुकलेसुर अली द्वारा पोस्ट किया गया था।

Source: Youtube

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आगे की जांच में मुकलेसुर अली का यूट्यूब चैनल देखने पर पता चला कि वह नियमित रूप से ड्रामा और स्क्रिप्टेड वीडियो बनाता है। उसके वीडियो सामाजिक संदेश देने के उद्देश्य से तैयार किए जाते हैं।

इतना ही नहीं, मुकलेसुर अली के यूट्यूब चैनल के “Description” सेक्शन में भी साफ तौर पर लिखा गया है कि चैनल पर मौजूद सभी वीडियो स्क्रिप्टेड हैं।
निष्कर्ष
DFRAC की जांच में वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक साबित हुआ। वीडियो किसी वास्तविक घटना का नहीं है, बल्कि यह मुकलेसुर अली द्वारा बनाया गया एक स्क्रिप्टेड वीडियो है। इसे सांप्रदायिक रंग देकर सोशल मीडिया पर भ्रामक दावों के साथ वायरल किया जा रहा है।

