Odisha Triple Murder Case

फैक्ट चेकः ओडिशा के तिहरे हत्याकांड में सांप्रदायिक एंगल नहीं है, भ्रामक दावा वायरल

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे एक वीडियो में यह दावा किया गया है कि, “25 जनवरी, 2026 को ओडिशा के क्योंझर ज़िले के नियालीझरण गाँव में एक ईसाई परिवार के तीन सदस्यों- जितेंद्र सोरेन, उनकी पत्नी मालती सोरेन और उनकी 15 वर्षीय बेटी की एक ‘हिंदुत्ववादी भीड़’ द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई।”

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फैक्ट चेकः

DFRAC ने इस वायरल दावे को भ्रामक पाया। तिहरे हत्याकांड की यह घटना पारिवारिक विवाद में की गई है। गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च करने पर हमें ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ और ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया‘ की प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। ‘द न्यू इंडियन एक्सप्रेस’ के अनुसार, पीड़ित जितेंद्र सोरेन, मालती सोरेन और उनकी बेटी की हत्या उनके ही रिश्तेदारों ने संपत्ति विवाद के चलते की थी। इस रिपोर्ट में आरोपियों का नाम राम सोरेन (52) और लक्ष्मण सोरेन (45) बताया गया है, जो मृतकों के रिश्तेदार थे। रिपोर्ट में बताया गया है, ‘पुलिस के मुताबिक, राम और लक्ष्मण शाम को जितेंद्र के घर गए और उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। जब मालती और स्मिता ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उन पर भी हमला किया गया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। जितेंद्र की दो अन्य नाबालिग बेटियां घटना के दौरान भागने में कामयाब रहीं और उन्हें कोई चोट नहीं आई।’

इसी तरह, ‘द टाइम्स ऑफ़ इंडिया’ ने भी बताया कि इस हत्या के सिलसिले में तीन रिश्तेदारों को गिरफ़्तार किया गया है। किसी भी मीडिया रिपोर्ट्स में इस हत्याकांड में धार्मिक विवाद या फिर सांप्रदायिक घटना का जिक्र नहीं किया गया है।

आगे की जांच के लिए DFRAC की टीम ने घासीपुर पुलिस स्टेशन से संपर्क किया। अधिकारियों ने वायरल हो रहे सांप्रदायिक दावे को फेक करार दिया और बताया कि यह घटना पारिवारिक विवाद के कारण हुई थी।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि ओडिशा के क्योंझर में परिवारिक विवाद में तीन लोगों की हत्या की गई थी। इस मामले में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।