सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (formerly Twitter) पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि सऊदी अरब के रक्षा मंत्री चीन के नए साल के अवसर पर चीनी दूतावास पहुंचे थे, जहां स्वागत में पटाखे चलाए गए। दावा है कि पटाखों की आवाज सुनकर वह घबरा गए और वहां से भाग खड़े हुए।

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सोशल साईट X पर वेरिफाइड यूजर अरुण यादव कोसली ने वायरल वीडियो को शेयर कर आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए लिखा कि सऊदी के रक्षा मंत्री चाइनीज एंबेसी गये थे चीन का नया साल मनाने, चीनी और उनके सुरक्षाकर्मी बताना भूल गये उनके स्वागत में पटाखे चलाए जाएंगे. आगे खुद देख लो जाहिलों को

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वहीं एक अन्य वेरिफाइड यूजर राजू शाह ने वायरल वीडियो के हवाले से लिखा कि सऊदी वाले सच में डरपोक है | सऊदी के रक्षा मंत्री चाइनीज एंबेसी गये थे | चीन का नया साल मनाने के लिए | चीन वालों और उनके सुरक्षाकर्मी बताना भूल गये उनके स्वागत में पटाखे चलाए जाएंगे | सऊदी बाले अपनी पेटीकोट उठा कर भाग गए | सच में सऊदी बाले तो.…

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इसके अलावा कई अन्य वेरिफाइड यूजर ने वायरल वीडियो को ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया है। जिसे यहां पर देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:
वायरल वीडियो की जांच के लिए इसके की-फ्रेम निकालकर रिवर्स इमेज सर्च किया गया। जांच के दौरान यही वीडियो पुराने संदर्भ में इंटरनेट पर उपलब्ध मिला। यह वीडियो वर्ष 2019 का है और इसका संबंध सऊदी अरब या किसी चीनी दूतावास से नहीं है।

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जांच में पता चला कि यह वीडियो कुवैत में आयोजित एक रक्षा प्रदर्शनी से जुड़ा है। इसे Kuwait Armed Forces के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर दिसंबर 2019 में शेयर किया गया था।

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वीडियो में दिख रहा दृश्य दरअसल “गल्फ डिफेंस एंड एविएशन प्रदर्शनी” के दौरान अमीरी गार्ड (Amiri Guard) द्वारा किए गए एक नकली सैन्य प्रदर्शन (mock drill) का हिस्सा है। इस दौरान VIP सुरक्षा प्रतिक्रिया का प्रदर्शन किया जा रहा था, जिसमें अचानक हमले जैसी स्थिति बनाकर सुरक्षा बलों की कार्रवाई दिखाई जाती है।

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इस वीडियो को Al-Hadath News ने भी दिसंबर 2019 में शेयर किया था, जहां इसे एक सैन्य प्रदर्शन बताया गया।

Source: Kuwait Times

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इसके अलावा Kuwait Times की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रदर्शनी में कई देशों की रक्षा कंपनियों और सैन्य इकाइयों ने भाग लिया था और इस तरह के प्रदर्शन कार्यक्रम का हिस्सा थे।
निष्कर्ष:
वायरल वीडियो को गलत और भ्रामक दावे के साथ शेयर किया जा रहा है। यह वीडियो न तो सऊदी अरब के रक्षा मंत्री से जुड़ा है और न ही किसी चीनी दूतावास की घटना है। वास्तव में, यह 2019 में कुवैत में आयोजित एक रक्षा प्रदर्शनी के दौरान अमीरी गार्ड द्वारा किए गए सैन्य प्रदर्शन का वीडियो है। इसलिए सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा पूरी तरह गलत और भ्रामक है।

