Mohammed Deepak

फैक्ट चेकः क्या इफ्तार के लिए मस्जिद गए ‘मोहम्मद दीपक’ को मुस्लिमों ने भगाया? जानें- वायरल वीडियो की सच्चाई

Fact Check hi Featured Misleading

उत्तराखंड के कोटद्वार में पिछले दिनों मुस्लिम बुजुर्ग पर दुकान का बदलने को लेकर कुछ नफरती तत्व दबाव बना रहे थे, तभी दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक आते हैं और वह नफरती तत्वों से भिड़ जाते हैं। इस घटना ने पूरे देश में नफरत के खिलाफ एक सकारात्मक संदेश दिया। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि मोहम्मद दीपक जब एक मस्जिद में इफ्तार के लिए गए, तो वहां मुस्लिमों ने उन्हें भगा दिया और यह कहकर मस्जिद में प्रवेश नहीं करने दिया कि यहां गैर मुस्लिम नहीं आ सकते हैं।

इस वीडियो को शेयर करते हुए Ramesh Tiwari नामक यूजर ने लिखा, ‘secularism shocking : भाई चारा एक्सपोज देखे मोहम्मद दीपक जब मस्जिद गया तब क्या हुआ ? राहुल गांधी और जितने भी मोहम्मद दीपक के साथ खड़े थे ये है उनकी असली nivel’

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इस वीडियो को Manoj Srivastava नामक यूजर ने शेयर करते हुए लिखा, ‘*राहुल गांधी और मोहम्मद दीपक का* *भाई चारा एक्सपोज* *देखो चमचो* *मोहम्मद दीपक का मस्जिद में भरपूर स्वागत* *ये है हिंदूओ के भीख पर पलने वाले* *मुस्लिम भिखारियो की असलीयत* *मुसलमानो ने मोहम्मद दीपक के साथ* *जो सूलुक किया* *आप बताये क्या वो उचित था*’

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फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक का नहीं है। यह वीडियो भारत का भी नहीं है, बल्कि पाकिस्तान का स्क्रिप्टेड वीडियो है। हमने वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर पाया कि इस वीडियो को Dumb TV नामक यूट्यूब चैनल पर 8 मार्च 2026 को अपलोड किया गया है। इस वीडियो में 7 मिनट 26 सेकेंड पर माथे पर तिलक और गले में माला पहनकर हिन्दू बना शख्स खुद को मुस्लिम बताता है। इस दौरान वह लोगों से यह भी बताता है कि यह Dumb TV की तरफ से एक सोशल एक्सपेरिमेंट हो रहा था।

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इस वीडियो के डिस्क्रिप्शन में जानकारी दी गई है, ‘इस सोशल एक्सपेरिमेंट में, एक हिंदू व्यक्ति मस्जिद में घुसने की कोशिश करता है, तभी कोई उसे रोक देता है। देखिए कि लोग इस पर कैसी प्रतिक्रिया देते हैं और कैसे कुछ लोग एकता और सम्मान का समर्थन करने के लिए आगे आते हैं। इंसानियत और दयालुता को हमेशा धार्मिक मतभेदों से ऊपर रखना चाहिए।’

वहीं, हमारी टीम ने इस मामले पर और ज्यादा जानकारी के लिए दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक से संपर्क किया। दीपक ने बताया कि यह पूरी तरह से फेक है और उनके साथ ऐसी कोई घटना नहीं हुई है।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा गलत है। वायरल वीडियो दीपक कुमार उर्फ मोहम्मद दीपक को मस्जिद से भगाए जाने का नहीं है। यह वीडियो भारत का भी नहीं है, बल्कि पाकिस्तान का स्क्रिप्टेड वीडियो है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।