US B-2 bomber

फैक्ट चेकः ईरान ने अमेरिकी B-2 बॉम्बर को नहीं मार गिराया, वायरल तस्वीर AI-जनरेटेड है

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सोशल मीडिया पर एक तस्वीर के साथ दावा किया जा रहा है कि ईरान ने अमेरिकी और दुनिया के सबसे महंगे, रडार से बचने में सक्षम B-2 बॉम्बर को मार गिराया है। यूजर्स इस तस्वीर के साथ यह भी दावा कर रहे हैं कि ईरान ने B-2 बॉम्बर के सभी केबिन क्रू को किडनैप भी कर लिया है।

इस तस्वीर को ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के नाम पर बने पैरोडी अकाउंट से शेयर करते हुए लिखा गया है, ‘बहुत-बहुत बधाई: ईरान ने एक अमेरिकी B-2 बॉम्बर को मार गिराया है और पूरे क्रू को किडनैप कर लिया है। ईरान पूरी तरह से जीत रहा है।’ (हिन्दी अनुवाद)

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वहीं इस तस्वीर को अमेरिकी B-2 बॉम्बर को मार गिराए जाने और पूरे क्रू मेंबर्स को किडनैप किए जाने के दावे के साथ कई अन्य यूजर्स द्वारा भी पोस्ट शेयर किया गया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने वायरल तस्वीर की जांच के लिए सबसे पहले गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किए, लेकिन हमें अमेरिकी B-2 बॉम्बर को ईरान द्वारा मार गिराए जाने और पायलटों को किडनैप किए जाने की कोई विश्वसनीय न्यूज या फिर ऑफिशियल बयान नहीं मिला। इसके बाद हमारी टीम ने वायरल तस्वीर की AI-डिटेक्टर टूल ‘हाइव मॉडरेशन’ पर जांच की। जांच में परिणाम सामने आया कि यह तस्वीर AI-जनरेडेट है।

आगे की जांच में हमें इस तस्वीर की अन्य AI-डिटेक्टर टूल्स wasitai और zerogpt पर की। इनका भी परिणाम सामने आया कि इस तस्वीर को AI-द्वारा बनाया गया है।

इस तस्वीर के बारे में और अधिक जानकारी के लिए हमने एआई एक्सपर्ट मयंक शर्मा से संपर्क किया। मयंक ने तस्वीर का विश्लेषण करने के बाद हमें बताया कि यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स की मदद से तैयार की गई प्रतीत होती है। तस्वीर को करीब से देखने पर कई दृश्य असंगतियाँ सामने आती हैं। उदाहरण के लिए, विमान के ढांचे, जमीन पर पड़े मलबे और आसपास के सैन्य वाहनों की बनावट में भी एक जैसा स्मूद टेक्सचर दिखाई देता है, जो अक्सर AI-जनरेटेड तस्वीरों में पाया जाता है। इमेज में प्रकाश और छाया का पैटर्न भी अलग-अलग ऑब्जेक्ट्स पर असंगत दिखता है।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर की गई तस्वीर AI-जनरेटेड है। वहीं ईरान द्वारा अमेरिका के B-2 बॉम्बर के मारे जाने और पायलटों को किडनैप किए जाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। इसलिए यूजर्स का दावा फेक है।