weapons in Manipur Mosque

फैक्ट चेकः म्यांमार में हथियारों का वीडियो का मणिपुर की मस्जिद का बताकर सांप्रदायिक दावा किया गया

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक वीडियो में भारी मात्रा में हथियारों और विस्फोटकों को देखा जा सकता है। इस वीडियो को शेयर करने वाले यूजर्स दावा कर रहे हैं कि भारी मात्रा में हथियार और विस्फोटक मणिपुर की एक मस्जिद से बरामद हुए हैं। इस वीडियो को यूजर्स सांप्रदायिक रंग भी देने की कोशिश कर रहे हैं। इस वीडियो पर टेक्स्ट लिखा है, ‘मणिपुर के मस्जिद में मिला है सोचिए हिन्दुओं आपका क्या होने वाला है?’

PRARTHANA SINGH नामक एक यूजर ने वीडियो शेयर कर लिखा, ‘हिन्दुओ को मारने,हिन्दुओ को बर्बाद करने का हुआ पर्दाफाश..मस्जिदों में भारी मात्रा में हथियार और पैसा बरामद किया गया’

लिंक

कई यूजर्स इस वीडियो को रिपोस्ट करते हुए अलग-अलग दावे कर रहे हैं। जिसे यहां, यहां, यहां और यहां क्लिक करके देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह मणिपुर की किसी मस्जिद का वीडियो नहीं है, बल्कि म्यांमार का पुराना वीडियो है। हमारी टीम ने जांच के दौरान पाया कि इस वीडियो को पहले भी सोशल मीडिया पर भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया था। उस वक्त शेयर किए गए वीडियो में एक जवान की वर्दी पर दिख रहे लोगो में BNRA लिखा है। BNRA नाम की भारतीय सेना की कोई रेजिमेंट नहीं है। हमने जब BNRA के बारे में गूगल पर सर्च किया, तो हमने पाया कि यह बर्मा नेशनल रिवोल्यूशनरी आर्मी है। वहीं यह भी देखा जा सकता है कि वायरल वीडियो में दिख रहा लोगो भी बर्मा नेशनल रिवोल्यूशनरी आर्मी के लोगो से मैच कर रहा है।

इसके बाद आगे की जांच के लिए हमने वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें यह वीडियो Nway Oo Lin नामक यूट्यूब चैनल पर 15 अप्रैल 2025 को पोस्ट मिला। जिसमें बर्मी भाषा में जानकारी दी गई है, ‘कैंप पर कब्ज़ा कर लिया गया, हथियार और तीन लाख से ज़्यादा कैश बरामद किए गए #myanmar #chinland #reels #revolution

इस यूट्यूब यूजर ने अपने बायो में बर्मी भाषा में जानकारी दी है कि वह म्यांमार में स्प्रिंग रिवोल्यूशन को कवर कर रहा है। उसने लिखा है, ‘मैं म्यांमार स्प्रिंग रेवोल्यूशन की एक्टिविटीज़ शेयर और रिपोर्ट कर रहा हूँ।’ (हिन्दी अनुवाद) इसके अलावा यह वीडियो हमें LaiMi Page नामक एक फेसबुक पेज पर भी मिला, जिसे म्यांमार का बताते हुए पोस्ट किया गया है। .

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया भारी मात्रा में हथियारों और विस्फोटकों का वीडियो मणिपुर की किसी मस्जिद का नहीं है। यह वीडियो म्यांमार का अप्रैल 2025 का वीडियो है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।