Kishtwar Encounter

फैक्ट चेकः किश्तवाड़ में 2 भारतीय सैनिकों के शहीद और 10 जवानों के घायल होने का फेक दावा किया गया

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जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में भारतीय सुरक्षा बलों ने 3 आतंकियों को मार गिराया है। आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार भी बरामद हुए हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर कुछ पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि आतंकियों ने भारतीय सेना के कैंप पर हमला किया था, जिसमें 2 भारतीय सैनिक शहीद हो गए हैं, जबकि 10 जवान घायल हो गए हैं।

Annushi Tiwari नामक एक यूजर ने लिखा, ‘किश्तवाड़ में मिलिटेंट्स और इंडियन आर्मी के बीच भारी झड़पें जारी हैं। मिलिटेंट्स ने इंडियन आर्मी कैंप पर हमला किया, जिसमें 10 सैनिक घायल हो गए, जबकि 2 सैनिकों की जान चली गई। इंडियन आर्मी के लिए प्रार्थना करें।’ (हिन्दी अनुवाद)

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फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि भारतीय कैंप पर हमला, 2 भारतीय सैनिकों के मारे जाने और 10 जवानों के घायल होने का फेक दावा किया गया है। दरअसल, किश्तवाड़ में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान भारतीय सुरक्षा बलों ने जैश के तीन आतंकियों को मार गिराया है, जिसमें कमांडर सैफुल्लाह भी शामिल है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘सुरक्षााबलों ने जैश के कमांडरों को मार गिराया है, इनमें सैफुल्लाह भी शामिल है। अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना, पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टुकड़ियों ने तलाशी अभियान शुरू किया और सुबह करीब साढ़े 10 बजे चतरू बेल्ट के पासेरकुट इलाके में मुठभेड़ शुरू हुई।’

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वहीं, भारतीय सेना की 16वीं कॉर्प्स के आधिकारिक एक्स हैंडल पर भी इस मुठभेड़ की जानकारी देते हुए 3 आतंकियों को मार गिराए जाने की सूचना दी गई है। पोस्ट में लिखा गया है, ‘JKP, IB और अन्य खुफिया स्रोतों से प्राप्त विश्वसनीय सूचना के आधार पर किश्तवाड़ क्षेत्र में सक्रिय आतंकवादियों को तलाशने और निष्क्रिय करने के उद्देश्य से “ऑपरेशन त्राशी-I” के तहत एक सुनियोजित संयुक्त अभियान शुरू किया गया। पूर्व में संपर्क स्थापित होने के बाद, सीआईएफ डेल्टा, व्हाइट नाइट कॉर्प्स के जवानों ने जम्मू-कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के साथ घनिष्ठ समन्वय में आज लगभग सुबह 11:00 बजे दुर्गम क्षेत्र में आतंकवादियों से दोबारा मुठभेड़ की। सामरिक कुशलता, उत्कृष्ट तालमेल और दृढ़ आक्रामक कार्रवाई का प्रदर्शन करते हुए जवानों ने मुठभेड़ स्थल पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित किया, जिसमें दो आतंकवादियों को सफलतापूर्वक मार गिराया गया। मुठभेड़ स्थल से युद्ध जैसी सामग्री, जिनमें 02 AK-47 राइफलें शामिल हैं, बरामद की गई हैं।’

इसके अलावा हमें ऑपरेशन त्राशी-I पर काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स (CIF) डेल्टा के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC), मेजर जनरल ए पी एस बल का एक बयान मिला। उन्होंने ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए कहा, ‘त्राशी का यह ऑपरेशन लगन, सोच की साफ़ समझ, सही प्लानिंग, हमारे विज़न और सबसे ज़रूरी, महीनों की लगातार कोशिशों और यहां काम कर रही हर फोर्स और एजेंसी के मिले-जुले नज़रिए का एक बेहतरीन उदाहरण है। इस ऑपरेशन की सफलता में सभी का अहम योगदान था। जिस तरह से हमने बहुत शांति से, मिलकर काम किया, इसीलिए हमें इतनी सफलता मिली, खासकर बिना किसी नुकसान के, हमारे किसी भी सैनिक को कोई नुकसान नहीं हुआ, सिवाय उस बहादुर कुत्ते टायसन के, जिसने असल में ऑपरेशन शुरू किया था।’

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया यूजर्स का दावा फेक है। किश्तवाड़ में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान जैश के 3 आतंकी मारे गए हैं। वहीं, भारतीय सैनिकों के हताहत होने का दावा भी झूठा है।