Digital Forensic, Research and Analytics Center

बुधवार, अगस्त 10, 2022
spot_imgspot_imgspot_imgspot_img
होमHateनागेश्वर राव के नफ़रत का विस्तृत एनालिसिस

नागेश्वर राव के नफ़रत का विस्तृत एनालिसिस

Published on

Subscribe us

मूल रूप से तेलंगाना के जयशंकर भूपालपल्ली ज़िले के रहने वाले एम नागेश्वर राव रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी है। वह केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई के पूर्व निदेशक रह चुके है। वह अपने ट्विटर बायो में स्वयं को एक निरंकुश हिंदू और एक सामयिक लेखक बताते है।

नागेश्वर राव ओडिशा कैडर के भारतीय पुलिस सेवा के 1986 बैच के अधिकारी है। उन्होने ओडिशा पुलिस में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक और चेन्नई क्षेत्र के सीबीआई प्रमुख की ज़िम्मेदारी निभाई है। उन्हे आरएसएस नेताओं का काफी करीबी माना जाता रहा है।

क्या वह एक रूढ़िवादी हिन्दू है?

नागेश्वर राव स्वयं को एक निरंकुश हिंदू करार देते है। लेकिन ट्विटर टाइमलाईन को देखने पर पता चलता है कि वह निरंकुश होने के साथ एक कट्टर रूढ़िवादी हिन्दू है। उनके ट्वीट और कुछ आर्टिकल इस और इशारा करते है। वह हिंदुत्व के कट्टर समर्थक के रूप में देखे जा सकते है। वह चंद्रनाथ बसु को हिंदुत्व का पर्वतक मानते है। उनका कहना है कि हिंदुत्व को तब तक अधिक प्रमुखता नहीं मिली जब तक कि विनायक दामोदर सावरकर ने 1921-22 में अपने निबंध ‘एसेंशियल्स ऑफ हिंदुत्व’ में इसे सिद्ध नहीं किया। हालाँकि, सावरकर ने हिंदुत्व को एक सामाजिक-राजनीतिक विचारधारा के रूप में अधिक अवधारणाबद्ध किया, जो चंद्रनाथ बसु की अवधारणा से बहुत अलग था।

नागेश्वर राव का ट्वीट
नागेश्वर राव द्वारा स्वराज्य पर लिखित लेख

क्या वह घृणा फैलाते है?

नागेश्वर राव की ट्विटर टाइमलाईन का अध्ययन करने पर हमने पाया कि वह मुस्लिमों और ईसाइयो के खिलाफ घृणा फैलाते है। इसके लिए वह झूठे और भ्रामक दावे भी करते है। हमारे टीम द्वारा किए गए कई फेक्ट चेक इस तथ्य को प्रमाणित करते है।

दावा 1:

13 अक्टूबर, 2021 को उन्होंने हिजाब में एक महिला की एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें एक तख्ती थी, जो मुस्लिम समुदाय के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करती है, जिसका उद्देश्य दो संप्रदायों के बीच वैमनस्य फैलाना था।

राव का ट्वीट

फेक्ट चेक

एक साधारण रिवर्स इमेज सर्च ने हमें मैरी वाशिंगटन विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा पोस्ट की गई मूल तस्वीर तक पहुँचाया, जो नस्लवाद और रूढ़िवादिता के खिलाफ अभियान चला रहे थे। राव द्वारा पोस्ट की गई छवि को मूल छवि के रूप में बदल दिया गया है, वास्तव में “मैं एक मुस्लिम हूं लेकिन मैं अरब नहीं हूं”।

महिला की मूल छवि

इसलिए राव का दावा फर्जी है।

दावा 2:

13 सितंबर,2021 को, उन्होंने कर्नाटक में एक मंदिर को तोड़े जाने का एक वीडियो रीपोस्ट किया। दावा किया कि कर्नाटक में सिर्फ मंदिर तोड़े जा रहे हैं लेकिन मस्जिदें और चर्च सभी बरकरार हैं।

राव का वीडियो का रीपोस्ट

तथ्यों की जांच:

हालांकि, यह दावा भ्रामक है। मीडिया सूत्रों के अनुसार, जिन पर हमने गौर किया, कर्नाटक में राज्य में अवैध रूप से मौजूद 6,395 इमारतों को ध्वस्त करने का आदेश पारित किया गया था। धार्मिक विचार नहीं किए गए थे। हालांकि इससे वे लोग नाराज हो गए जिन्होंने सरकार पर केवल मंदिरों को मिटाने का आरोप लगाया और कुछ नहीं। यह भी झूठा साबित हुआ है।

प्रिंट द्वारा एक लेख में स्पष्ट किया गया मुद्दा

दावा 3:

2 अक्टूबर 2021 को, राव ने महात्मा गांधी के बारे में एक लेख पोस्ट किया जिसमें कहा गया था कि लेख आपको गांधी में विश्वास खो देगा और लोगों को गांधी को राष्ट्रपिता के रूप में मानने से रोक देगा।

गांधी पर राव का ट्वीट

तथ्यों की जांच:

लेख में गांधी द्वारा कहे गए “उद्धरण” के साथ-साथ गांधीवाद की आधारहीन आलोचना भी है। व्हाटबाउटिज्म और स्ट्रॉमैन तर्कों पर भरोसा करते हुए लेख में पाठको को यह समझाने की कोशिश की गई है कि गांधी के लिए जो कुछ भी दावा किया गया था वह फर्जी है।

लेख में सूचीबद्ध उद्धरण indiafacts.com से आने वाले अधिकांश स्रोतों के साथ प्रदान किए गए हैं, यह जो एक रूढ़िवादी वेबसाइट है जो प्रलेखित इतिहास के बजाय दंकथाओं, अफवाहों और मिथकों पर निर्भर करती है।

इसलिए यह दावा भी भ्रामक है।

इसके अलावा उन्होने हाल ही कुछ ट्वीट किए है। जो मुस्लिम और ईसाई समुदाय के खिलाफ है। 

नागेश्वर राव का ट्वीट
नागेश्वर राव का ट्वीट

क्या वह संविधान और धर्मनिरपेक्षता के विरोधी है?

नागेश्वर राव की ट्विटर टाइमलाईन का अध्ययन करने पर हमने पाया कि वह संविधान और धर्मनिरपेक्षता के भी विरोधी है। उनका मानना है कि धर्मनिरपेक्षता ने संवैधानिक, कानूनी और आधिकारिक तौर पर स्वदेशी हिंदू धर्म को अमान्य कर दिया है।

नागेश्वर राव का ट्वीट

एक अन्य ट्वीट में वह लिखते है कि #छद्म हिंदुत्व ने #संविधान दिवस को बदल दिया है ताकि संविधान की ईश्वरीय पुस्तक और #छद्म धर्मनिरपेक्षता की आस्था में अडिग विश्वास की पुष्टि की जा सके। यह ईसाई धर्मोपदेश और Is1àmîc (इस्लामिक) तब्लीग के समान है जो लोगों को उनके संबंधित ईश्वरीय पुस्तकों और विश्वासों में अपने विश्वास की पुष्टि करने के लिए पीसता है।

नागेश्वर राव का ट्वीट

क्या आरएसएस और बीजेपी से हो गया मोहभंग?

नागेश्वर राव को आरएसएस नेताओं का करीबी माना जाता रहा है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह आरएसएस और बीजेपी नेताओ का विरोध करते हुए देखे जा सकते है। अपने ट्वीट में आरएसएस और बीजेपी नेताओ का विरोध  करने के लिए वह #PseudoHindutva, #PseudoSecularism, #नकलीहिंदुत्व, #कुटिलहिंदूत्व, #BhagwatmuktRSS, #RSSmuktBharat का उपयोग करते है।

नागेश्वर राव का ट्वीट
नागेश्वर राव का ट्वीट
नागेश्वर राव का ट्वीट
नागेश्वर राव का ट्वीट
नागेश्वर राव का ट्वीट
नागेश्वर राव का ट्वीट

एम नागेश्वर राव का डेटा विश्लेषण

  • पोस्ट टाइमलाइन:

नीचे दिया गया ग्राफ एम नागेश्वर राव की पोस्ट टाइमलाइन दिखाता है। यह ग्राफ दिखाता है कि नागेश्वर राव 21 सितंबर, 2021 से 31 अक्टूबर 2021 तक ज्यादा सक्रिय (Active) नहीं थे।

इंटरएक्टिव ग्राफ लिंक
  • वर्डक्लाउड

नीचे एम नागेश्वर राव द्वारा किए गए ट्वीट्स का वर्डक्लाउड है। जो हमें बताता है कि नागेश्वर राव ने किन शब्दों का सबसे अधिक बार प्रयोग किया है।

  • खातों का उल्लेख

नागेश्वर राव द्वारा उल्लिखित शीर्ष खातों में शामिल हैं – मंगेश्वरराव और उसके बाद रितु राठौर और फिर नरेंद्र मोदी।

इंटरएक्टिव ग्राफ लिंक
  • हैशटैग का इस्तेमाल

नागेश्वर राव द्वारा सबसे अधिक बार उपयोग किए जाने वाले हैशटैग में शामिल हैं, #pseudohindutva जिससे सबसे अधिक 52 बार उपयोग किया गया, उसके बाद #कुटिलहिंदूत्व और #equalrightsforhindus के साथ क्रमशः 15 और 13 बार उपयोग किया गया।

इंटरएक्टिव ग्राफ लिंक
  • टॉप फ़ालोवर

एम नागेश्वर राव के टॉप फ़ालोवर में शामिल हैं, एडममिलस्टीन, असित कुमार मोदी, जेएसकेगोपी, आदि।

इंटरएक्टिव ग्राफ लिंक
  • वेरिफाइड फोलोवर

यह ग्राफ उन सभी वेरिफाइड फोलोवर को दिखाता है जो ट्विटर पर नागेश्वर राव को फॉलो करते हैं। जिसमें एडममिलस्टीन, संतोष रंजन_, वरुण कुमारआईपीएसटीएन आदि शामिल हैं।

इंटरएक्टिव ग्राफ लिंक
  • उद्धृत ट्वीट्स

नागेश्वर राव द्वारा किए गए सबसे अधिक उद्धृत ट्वीट्स में एम नागेश्वर राव स्वयं 63 के साथ, रितु राठौर और स्वरादराजन क्रमशः 8 और 7 बार शामिल हैं।

इंटरएक्टिव ग्राफ लिंक
  • नेटवर्क

इस नेटवर्क ग्राफ़ में वे सभी खाते शामिल हैं, जिनके साथ एम. नागेश्वर राव इंटरैक्ट करते हैं या उनका उल्लेख किया है, उत्तर दिया है या फिर से ट्वीट किया है।

इंटरएक्टिव ग्राफ लिंक
- Advertisement -

‘हर-हर शंभू’ भजन की गायिका फरमानी नाज अपनाएंगी हिन्दू धर्म?

Load More
Dilshad Noor
Dilshad Noor
Mr. Dilshad Noor is a research fellow at DFRAC with experience of 8 years in the field of journalism He has done his bachelor's in journalism from VMOU, Kota. He has done MA and LLB from the University of Kota. He specializes in report making and research analysis.

Popular of this week

Latest articles

फैक्ट चेक: जामा मस्जिद पर दिल्ली पर्यटन विभाग ने किया ग़लत दावा

आम भारतीय जनमानस में ये बात क़ायदे से बैठ गई है कि दिल्ली की...

फैक्ट चेक: गाज़ा पर इस्राइल के हमले के बीच 2018 की तस्वीर वायरल

पिछले तीन दिनों से इस्राइल की गाज़ापट्टी पर भीषण बमबारी जारी है। इस हमले...

फैक्ट चेकः नीतीश कुमार ने आतंकी इशरत जहां को बताया था अपनी बेटी? 

बिहार का राजनीतिक माहौल गर्म है। नीतीश कुमार क्या करेंगे उसको लेकर सिर्फ कयासबाजी...

फैक्ट चेकः जवाहर लाल नेहरू ने खुद को दुर्भाग्य से हिन्दू और संस्कृति से मुस्लिम कहा था?

सोशल मीडिया पर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को लेकर एक दावा...

all time popular

More like this

फैक्ट चेक: जामा मस्जिद पर दिल्ली पर्यटन विभाग ने किया ग़लत दावा

आम भारतीय जनमानस में ये बात क़ायदे से बैठ गई है कि दिल्ली की...

फैक्ट चेक: गाज़ा पर इस्राइल के हमले के बीच 2018 की तस्वीर वायरल

पिछले तीन दिनों से इस्राइल की गाज़ापट्टी पर भीषण बमबारी जारी है। इस हमले...

फैक्ट चेकः नीतीश कुमार ने आतंकी इशरत जहां को बताया था अपनी बेटी? 

बिहार का राजनीतिक माहौल गर्म है। नीतीश कुमार क्या करेंगे उसको लेकर सिर्फ कयासबाजी...

फैक्ट चेकः जवाहर लाल नेहरू ने खुद को दुर्भाग्य से हिन्दू और संस्कृति से मुस्लिम कहा था?

सोशल मीडिया पर भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू को लेकर एक दावा...

फैक्ट चेक- सीएम MK स्टालिन ने ढहाया शिव मंदिर?

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में...

फैक्ट चेक: क्या आरएसएस कार्यकर्ता ने जलाया भारत का राष्ट्रीय ध्वज?

सोशल मीडिया पर एक तस्वीर वायरल हो रही है। जिसमे एक शख्स को भारत...