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फैक्ट चेक: रेसलर निशा दहिया की नहीं हुई मौत, खुद बोली – जिंदा हूं

हाल ही में बुधवार 10 नवंबर को कई न्यूज़ चैनल और न्यूज़ पोर्टल पर हरियाणा के सोनीपत में अज्ञात हमलावरों द्वारा राष्ट्रीय स्तर की पहलवान निशा दहिया और उनके भाई सूरज की गोली मारकर हत्या करने की रिपोर्ट प्रकाशित हुई.

विभिन्न न्यूज़ वेबसाइट पर प्रकाशित रिपोर्ट

रिपोर्ट में घटना को लेकर दावा किया गया कि निशा को उस समय गोली मारी गई जब वह सोनीपत के हलालपुर में सुशील कुमार कुश्ती अकादमी से घर लौट रही थी। साथ ही ये भी कहा गया कि दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया और निशा की मां को गंभीर हालत में रोहतक के पीजीआई अस्पताल में भर्ती कराया गया.

फेक्ट चेक

मीडिया रिपोर्ट में किया गया निशा दहिया की मौत का दावा झूठा है.

निशा दहिया की करीबी दोस्त पहलवान साक्षी मलिक ने निशा के साथ फोटो ट्वीट करते हुए कहा, ”वह जिंदा है.”

साक्षी मलिक का ट्वीट

वहीँ जांच में पाया गया कि एक स्थानीय अकादमी में मारी गई पहलवान कोई और निशा दहिया थी, न कि राष्ट्रीय स्तर की पहलवान एथलीट निशा दहिया. जैसा कि मीडिया रिपोर्ट में दावा  किया गया.

इसके अलावा भारतीय टीम के साथ यात्रा करने वाले कोच ने पीटीआई को बताया कि सोनीपत में जिस पहलवान की गोली मारकर हत्या की गई, वह निशा दहिया नाम की नवागंतुक थी। ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक के साथ, निशा वीडियो में कहती हैं कि वह सीनियर नेशनल मीट के लिए उत्तर प्रदेश के गोंडा में हैं.

बाद में पता चला कि अकादमी के पास निशा यादव नाम की पहलवान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने अकादमी में आग लगा दी। हत्यारों की पहचान पवन और सचिन के तौर पर हुई है.

सोनीपत के एसपी राहुल शर्मा ने भी ट्वीट किया, “यह निशा दहिया (गोली मारकर की गई ह’त्या) और पदक विजेता पहलवान निशा दहिया दो अलग-अलग लोग हैं। पदक विजेता पहलवान पानीपत का है और अभी एक कार्यक्रम में है।”

उपरोक्त विश्लेषण से  पता चलता है कि राष्ट्रीय स्तर की पहलवान निशा दहिया और उनके परिवार पर ऐसा कोई हमला नहीं हुआ है. अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता जिंदा है।

ऐसे में यह दावा झूठा है।