Skip to content Skip to sidebar Skip to footer

फैक्ट चेक: बीबीसी के नाम के साथ वायरल हो रहा वीडियो क्या त्रिपुरा का ही है?

त्रिपुरा राज्य में हाल ही में हिंसा हुई है, उस हिंसा के वीडियो फुटेज और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। लेकिन इन तस्वीरें की आड़ में फेक तस्वीरें और वीडियो भी खूब शेयर किये जा रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह त्रिपुरा में हुई सांप्रदायिक हिंसा से संबंधित है।

वीडियो में अलग-अलग स्थानों पर पुलिस और दंगाईयों के बीच हुई झड़प के साथ ही दंगों के बाद संपत्ति को हुए नुकसान के साथ देखा जा सकता है। वीडियो में कई पुलिसकर्मियों को कुछ युवाओं की निर्ममतापूर्वक पिटाई करते हुए देखा जा सकता है।

क्या है वायरल पोस्ट में?

सोशल मीडिया यूजर ‘अल्पसंख्यक विकास कमेटी मध्य प्रदेश और नदीम अहमद शेख’ ने वायरल वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, ”त्रिपुरा दंगे पर दलाल मीडिया ने कुछ नहीं बताया मगर बीबीसी न्यूज़ ने सारी पोल खोल कर रख दी BBC news#” सोशल मीडिया पर कई अन्य यूजर्स ने इस वीडियो को समान और मिलते-जुलते दावे के साथ शेयर किया है। ट्विटर पर इस वीडियो को कई अन्य यूजर्स ने समान दावे के साथ त्रिपुरा का बताते हुए शेयर किया है।

फैक्ट चेक

वीडियो पर बीबीसी का लोगो लगा नज़र आ रहा है और घटना की रिपोर्टिंग कर रही एक पत्रकार को यह साफ कहते हुए सुना जा सकता है कि यह रिपोर्ट दिल्ली दंगों से संबंधित है। अपनी पड़ताल में हमें यह वीडियो बीबीसी न्यूज इंडिया के अधिकारिक ट्विटर अकाउंट पर अपलोड किया हुआ मिला।

तीन मार्च 2020 को अपलोड किए गए वीडियो बुलेटिन के साथ दी गई जानकारी के मुताबिक यह रिपोर्ट दिल्ली में हुए दंगों से संबंधित है। यह रिपोर्ट दंगों के बाद की ग्राउंड रिपोर्ट है। वीडियो बुलेटिन में रिपोर्टर को साफ-साफ दिल्ली और दिल्ली पुलिस के बारे में बोलते हुए सुना जा सकता है। तीन मिनट 20 सेकेंड के इसी वीडियो बुलेटिन के एक हिस्से को एडिटिंग की सहायता से अलग कर त्रिपुरा सांप्रदायिक हिंसा के नाम से वायरल किया जा रहा है।

अपनी पड़ताल में हमने पाया कि यह वीडियो त्रिपुरा का नहीं बल्कि दिल्ली का है। गौरतलब है कि दिल्ली में 23 फरवरी को सांप्रदायिक हिंसा हुई थी, इस हिंसा में जान माल का काफी नुकसान हुआ था।