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फैक्ट-चेकः अफगानी महिलाओं को लेकर शैफाली वैद्य ने किया गलत दावा

शैफाली वैद्य भारत की मशहूर लेखिका हैं। राजनीति, महिलाओं और दूसरे सामाजिक मुद्दों पर अपने विचार खुलकर रखती हैं। ट्वीटर पर उनके 5 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स भी हैं। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद शैफाली भी वहां की महिलाओं की सुरक्षा लेकर ज्यादा चिंतित हैं। 18 अगस्त 2021 को शैफाली वैद्य ने तालिबान के हवाले से लेकर एक फोटो पोस्ट किया। इस फोटो एक व्यक्ति खड़ा है, जिसने बुर्का पहनी कई महिलाओं की हाथों को रस्सियों से बांध रखा है। इस फोटो पर शैफाली ने तंज कसते हुए कहा कि निःसंदेह महिलाएं तालिबानी राज में आजाद हैं। उन्हें कहीं भी आने जाने की आजादी प्रात्त है। इस ट्वीट को 11 हजार लोगों ने लाइक किया है जबकि 3400 से ज्यादा लोगों ने रिट्वीट किया है।

फैक्ट-चेकः

जब इस फोटो की जांच के लिए गूगल पर सर्च किया गया तो यह पाया गया कि इस फोटो को सैकड़ों बार लोगों ने तालिबान का बताते हुए शेयर किया है। जबकि इस फोटो को पहली बार पोस्ट किए जाने का प्रमाण 16 अक्टूबर 2014 का मिलता है। हमें कई समाचार मीडिया आउटलेट्स द्वारा इस तस्वीर की कवरेज मिली और पता चला कि यह तस्वीर लंदन में ISIS के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन के दौरान की है। इस विरोध प्रदर्शन को कुर्द कार्यकर्ताओं द्वारा आयोजित किया गया था, जिसमें ISIS द्वारा महिलाओं की बेच और खरीद को उजागर किया गया था।

विरोध पर हफ़िंगटन पोस्ट की रिपोर्ट

जिससे यह साबित होता है कि शैफाली वैद्य द्वारा किया गया यह दावा गलत और भ्रामक है। हालांकि अभी भी अफ़ग़ानिस्तान से बड़ी मात्रा में सूचनाएं आ रही हैं, जिससे लोगों को सतर्क रहना चाहिए और यह पता करना चाहिए कि कौन सी सूचना सही और सी सूचना गलत है।