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फैक्ट चेकः हिन्दुओं को नहीं, सिर्फ मुस्लिमों और ईसाईयों को नौकरी देने की सच्चाई

सोशल मीडिया का इस्तेमाल कुछ लोगों द्वारा समाज में नफरत फैलाने के इरादे से किया जाता रहा है। ऐसे तत्व अपने मकसद को पूरा करने के लिए फेक न्यूज और गलत सूचनाओं का सहारा लेते हैं। इन लोगों के निशाने अल्पसंख्यक समुदाय खासतौर पर रहता है। ऐसे ही एक भ्रामक पोस्ट ट्वीटर पर 22 जून 2021 को कृष्णा हिन्दुस्तानी (@Krishna29892392) नामक यूजर के अकाउंट डाली गई है। कृष्णा हिन्दुस्तानी बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा से प्रभावित हैं। उन्होंने अपने बैनर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की फोटो भी लगा रखी है। उन्होंने इस पोस्ट में दावा किया गया है कि केरल की एक सुपर मार्केट में सिर्फ ईसाई औऱ मुस्लिम महिलाओं के लिए वैकेन्सी निकाली गई है।

दावा – “केरल के सुपर मार्केट में वैकेंसी निकली है जिसमें केवल मुस्लिम एवं ईसाई महिलाएं ही आवेदन कर सकती है!! हिंदू महिलाओं का आवेदन करना मना है यह स्थिति अब धीरे-धीरे सभी जगह आने वाली है!! @PMOIndia इस पर कार्यवाही होनी चाहिए!!”

फैक्ट चेक- इस विषय पर जब तथ्यों की जांच की गई तो यह पोस्ट भ्रामक और झूठा पाया गया। दरअसल यह विज्ञापन केरल के एक सुपर बाजार द्वारा 2014 में दिया गया था।

उस वक्त इस मुद्दे पर काफी विवाद हुआ था। विवाद के बाद सुपर मार्केट की तरफ स्पष्टीकरण भी दिया गया था। सुपर मार्केट ने अपने बयाने कहा था- “हमारे पास 120 से ज्यादा कर्मचारी हैं जिनमें 90 फीसदी हिन्दू कर्मचारी हैं। बिलिंग सेक्शन में ईसाई और मुस्लिम महिलाओं को भर्ती करने का फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि इस सेक्शन में काम करने वाले सभी कर्मचारी हिंदू हैं।

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स्थानीय त्योहारों के दौरान हमें समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जब बिलिंग काउंटर पर काम करने वाले दो या तीन कर्मचारी छुट्टी पर चले जाते हैं तब बिल काउंटर पर ग्राहकों को लंबे समय तक कतार में खड़ा रहना पड़ता है।”

सीलमपुर में 14 आतंकी पकड़े जाने की सच्चाई

वहीं 18 मई 2021 को एक दूसरे ट्वीट में दावा किया गया था दिल्ली के मुस्लिम बाहुल्य सीलमपुर इलाके से 14 आतंकियों को पकड़ा गया है। एक तस्वीर को शेयर करते हुए ये भी दावा किया गया ये आतंकी किसी बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में थे।

फैक्ट चेक- इस विषय की जांच करने कई तथ्य सामने आए। ये फोटो अफगानिस्तान में गिरफ्तार एक आतंकी की 8 साल पुरानी है। इस फोटो का फैक्ट चेक इंडिया टुडे द्वारा भी किया जा चुका है।

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लेकिन इस फोटो को फेक और भ्रामक तरीके से अभी भी शेयर किया जा रहा है।