चुनाव आयोग पर एक मीडिया रिपोर्ट में हुए कथित खुलासे के बाद विपक्ष के निशाने पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने भी 24 सितंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ज्ञानेश कुमार पर जमकर निशाना साधा। इस दौरान राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा मांगते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने की भी मांग की।
इस बीच सोशल मीडिया पर एक टीवी शोरूम की तस्वीर शेयर की गई है, जिसमें कई टीवी पर राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना को डिस्प्ले होते देखा जा सकता है। यूजर्स इस तस्वीर को देश का मूड बता रहे हैं। इस तस्वीर को शेयर करते हुए Jeetu Burdak नामक यूजर ने लिखा, ‘Mood of the nation’

Karbari Ansari नामक यूजर ने इसी तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा, ‘हर जगह सिर्फ राहुल गांधी छाए हुए हैं…’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह दावा गलत है और राहुल गांधी के प्रेस कॉन्फ्रेंस की टीवी शोरूम में कई टीवी पर डिस्प्ले होती सूचना की वायरल तस्वीर AI-जनरेटेड है। वहीं, DFRAC से बात करते हुए एआई एक्सपर्ट कुमार अनिकेत ने वायरल तस्वीर के एआई-जनरेटेड की बात कही है।
हमारी टीम ने वायरल तस्वीर की बारीकी से जांच करने पर इसमें कई असंगतियां हैं, जो आमतौर पर एआई-जनरेटेड कंटेंट में पाई जाती हैं। हमने जांच के दौरान पाया कि टीवी पर डिस्प्ले हो रही राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना में दाईं तरफ कोने में ‘Vote चोरी’ लिखा हुआ है, लेकिन इसमें चोरी की लिखावट अस्पष्ट है। इसके अलावा हमने दूसरी असंगति यह पाई कि फर्श पर कई टीवी की परछाई दिख रही है, लेकिन इन सभी परछाई में टीवी ऑफ प्रतीत होती है।

हमें राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना का ओरिजिनल पोस्टर उनके यूट्यूब चैनल पर मिला। इस ओरिजिनल पोस्टर में देखा जा सकता है कि ‘Vote चोरी’ स्पष्ट और सही लिखा हुआ है।
इसके बाद हमने वायरल तस्वीर की जांच एआई डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन, ट्रूथ स्कैन, इमेज डिटेक्टर और डिकॉपी एआई पर की। इन सभी टूल्स की जांच में परिणाम सामने आया कि वायरल तस्वीर के एआई-जनरेटेड होने के चांस काफी ज्यादा हैं। हाइव मॉडरेशन की जांच में 63.7%, ट्रूथ स्कैन की जांच में 75%, इमेज डिटेक्टर की जांच में 75% और डिकॉपी एआई की जांच में 78% एआई-जनरेटेड फोटो होने का परिणाम आया है।

वायरल तस्वीर के बारे में विस्तृत विश्लेषण के लिए हमारी टीम ने एआई एक्सपर्ट कुमार अनिकेत से संपर्क किया। अनिकेत ने हमें बताया कि वायरल तस्वीर में कई ऐसे प्रमाण हैं, जो इसे एआई-जनरेटेड कंटेंट बताते हैं। उन्होंने बताया कि भाषा की अशुद्धियां और लाइटिंग-परछाई में असंगतियां यह स्पष्ट करती हैं कि वायरल तस्वीर एआई-जनरेटेड है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस की सूचना को टीवी शोरूम में डिस्प्ले होने की वायरल तस्वीर वास्तविक नहीं है, बल्कि यह एआई जनरेटेड फोटो है। इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स का दावा भ्रामक है।
| Claim Review | Information about Rahul Gandhi’s press conference was displayed in TV showrooms. |
| Claim By | Social Media Users |
| Fact check | AI-Generated |
Sources:
- Hive Moderation AI tool
- Truth Scan AI tool
- Image Detector AI tool
- Decopy AI tool
- AI Expert Kumar Aniket Statement to DFRAC
- YouTube Video of Rahul Gandhi
