बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कुछ युवकों द्वारा छेड़छाड़ किए जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ था। इस घटना के बाद पूरे देश में आक्रोश व्याप्त हुआ और पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी नंदन यादव सहित कई लोगों को गिरफ्तार किया। इस बीच सोशल मीडिया पर नंदन यादव की समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के साथ एक तस्वीर वायरल हो रही है।
इस तस्वीर को शेयर करते हुए John Kabeer नामक यूजर ने लिखा, ‘लड़के हैं गलती हो जाती है ~ मुलायम सिंह यादव’

Bharatrastrasena नामक यूजर ने इस तस्वीर को शेयर करते हुए अंग्रेजी भाषा में कैप्शन लिखा, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘मैंने आरोपी नंदन यादव का फ़ेसबुक अकाउंट खोला और वहाँ यह तस्वीर देखी।’ हालांकि इस यूजर ने बाद में पोस्ट को डिलीट कर दिया था।

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह दावा फेक है और सपा मुखिया अखिलेश यादव के साथ नंदन यादव की वायरल तस्वीर वास्तविक नहीं है, बल्कि AI-जनरेटेड है। वहीं, DFRAC से बात करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मोहम्मद आजम ने वायरल तस्वीर का खंडन करते हुए इसे फेक करार दिया है।
DFRAC की टीम ने वायरल तस्वीर की जांच के लिए सबसे पहले गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें ऐसा कोई सोर्स नहीं मिला, जो इस तस्वीर के प्रमाणिकता की पुष्टि कर सके। हालांकि हमें आरोपी नंदन यादव की सोशल मीडिया गतिविधियों के बारे में Brut और द प्रिंट सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। Brut की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘जमुई मामले में आरोपी नंदन यादव ने जातिगत गौरव, वीरता, बाइक और शराब से सजे वीडियो पोस्ट किए थे। उसके फेसबुक और इंस्टाग्राम प्रोफाइल में मोटरसाइकिल, कार, स्थानीय संगीत, धार्मिक आयोजन, दोस्तों के साथ मुलाकातें और बहादुरी और जातिगत गौरव की थीम पर आधारित रीलें दिखाई देती हैं। कुछ वीडियो में शराब और धूम्रपान भी दिखाया गया है, जबकि अन्य में बंदूकें, अपराध, टकराव और निडरता का जिक्र करने वाले गाने और वॉयसओवर का इस्तेमाल किया गया है।’

वहीं द प्रिंट की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘नंदन यादव के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर हरियाणवी और भोजपुरी संगीत, बाइक, कार, शराब, महिला नर्तकी और ‘जातिगत गौरव’ की भरमार है। फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट उस व्यक्ति की मानसिकता की झलक देते हैं, जिसके घृणित कृत्यों ने व्यापक उपहास, सार्वजनिक आक्रोश और तीव्र निंदा को जन्म दिया।’ इन दोनों मीडिया रिपोर्ट्स में कहीं भी अखिलेश यादव से मुलाकात वाली तस्वीर का कोई जिक्र नहीं है।
हमारी टीम ने वायरल तस्वीर की AI-डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन, साइट इंजन, इमेज डिटेक्टर, और डीप एआई पर जांच की। हाइव मॉडरेशन की जांच में सामने आया कि वायरल तस्वीर 95.2 प्रतिशत एआई जनरेटेड है। वहीं साइट इंजन की जांच के मुताबिक वायरल तस्वीर 99 फीसदी एआई जनित कंटेंट है। इसके अलावा इमेज डिटेक्टर और डीप एआई की जांच में 91 प्रतिशत एआई जनरेटेड फोटो होने का परिणाम आया है।

वायरल तस्वीर के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए DFRAC की टीम ने समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता मोहम्मद आजम से संपर्क किया। उन्होंने वायरल तस्वीर को फेक करार दिया है। आजम ने बताया कि इंडिया गठबंधन के नेताओं खासतौर पर अखिलेश यादव और राहुल गांधी की एआई जनरेटेड तस्वीरें शेयर कर दुष्प्रचार फैलाने की कोशिश की जाती रही हैं, लेकिन जनता सब समझती है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि अखिलेश यादव के साथ जमुई कांड के आरोपी नंदन यादव की वायरल तस्वीर वास्तविक नहीं है, बल्कि यह AI-जनरेटेड फोटो है। इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स द्वारा किया गया दावा फेक है।
| Claim Review | A photo of Nandan Yadav, an accused in the Jamui case, with Samajwadi Party President Akhilesh Yadav has gone viral. |
| Claim By | Social Media Users |
| Fact check | AI-Generated |
Sources:
- Hive Moderation AI tool
- Sight Engine AI tool
- Image Detector AI tool
- DeepAI tool
- Samajwadi Party Spokesperson Statement to DFRAC
- News Report of The Print
- News Report of Brut
