Aligarh

फैक्ट चेकः अलीगढ़ में दुकानदारों के बीच मारपीट का वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें दो ग्रुपों के बीच हाथापाई की घटना देखी जा सकती है। यूजर्स इस वीडियो को सांप्रदायिक रंग देकर शेयर कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि यह वीडियो अलीगढ़ का है, जहां जाटव समुदाय के लोग तिरंगा यात्रा निकाल रहे थे, जिनकी मुस्लिम भीड़ द्वारा पिटाई कर दी गई।

इस वीडियो एक्स (पूर्व ट्विटर) पर शेयर करते हुए HinduNation__ नामक यूजर ने लिखा, ‘जाटव समाज को बेहरहमी से मारा गया तिरंगा यात्रा निकालने पर भड़के मुस्सल्लें’। वहीं वीडियो पर टेक्स्ट लिखा है, ‘तिरंगा यात्रा निकालने पर अलीगढ़ में जाटव समाज के लड़को को बहुत मारा गया। कहा है अब वो दलितों का मसीहा’

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वहीं इंस्टाग्राम पर rnews.24 नामक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘अलीगढ़ में मुसलमानों ने हिंदू दुकानदारों पर किया हमला, मामला दर्ज, 10 से 12 गिरफ्तार’

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फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह दावा भ्रामक है। विवाद में शामिल दोनों पक्ष मुस्लिम समुदाय के हैं और टिफिन विवाद को लेकर हाथापाई की घटना हुई थी। इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है। वहीं पीड़ित व्यापारी फैजान बहादुर के भाई सलमान बहादुर ने DFRAC को बताया कि दोनों पक्ष मुस्लिम ही हैं और इस घटना में सांप्रदायिक विवाद का मामला नहीं है। न्यूज एट-9 के चीफ एडिटर शादाब ने भी हमें बताया कि इस घटना में धर्म का विवाद नहीं है।

वायरल वीडियो की जांच के लिए हमारी टीम ने वीडियो के की-फ्रेम्स को गूगल लेंस की मदद से रिवर्स इमेज सर्च किया। हमें इस घटना की कवरेज Newsat9 के फेसबुक पेज पर मिली, जिसमें वायरल वीडियो को देखा जा सकता है। इस घटना का कारण टिफिन विवाद बताया गया है।

वहीं Newsat9 के एक अन्य वीडियो के कैप्शन में लिखा गया है, ‘Aligarh : शमशाद मार्केट क्षेत्र में बीती रात हुए “टिफिन” विवाद के बाद घायल युवक का बयान आया सामने…’। इस वीडियो में पीड़ित दुकानदार ने अपना नाम फैजान बहादुर बताया है। फैजान ने आरोपियों का नाम हुजैफा और सालिम बताया है।

आगे की जांच में हमें इस घटना के संदर्भ में दैनिक जागरण की भी रिपोर्ट मिली। जिसमें पीड़ित दुकानदार का नाम फैजान बहादुर बताया गया है। दैनिक जागरण की रिपोर्ट में घटना के बारे में बताया गया है, ‘शमशाद मार्केट में फैजान बहादुर के परिवार की तीन दुकानें हैं। इनमें जनरल स्टोर, गारमेंट्स और टॉय की दुकान शामिल हैं। आलमबाग क्षेत्र का एक युवक अंडे बेचने का काम करता है। उसने फैजान की दुकान पर दो दिन पहले अपना टिफिन रख दिया था। बाद में टिफिन गायब होने को लेकर युवक की दुकानदार से कहासुनी हो गई। फैजान के अनुसार, युवक उसी दिन अपना टिफिन वापस ले गया था और इसके बाद कोई विवाद नहीं हुआ। आरोप है कि गुरुवार की रात युवक अपने परिवार के करीब 20-25 लोगों को लेकर दुकान पर पहुंच गया। इसके बाद वहां मारपीट शुरू हो गई। फैजान का कहना है कि आरोपितों ने पुलिस की मौजूदगी में भी मारपीट की।’

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दैनिक जागरण की इस रिपोर्ट में कहीं भी घटना में सांप्रदायिक विवाद या फिर तिरंगा यात्रा विवाद का जिक्र नहीं किया गया है। वहीं हमें इस घटना के संदर्भ के अलीगढ़ पुलिस के आधिकारिक एक्स हैंडल पर पोस्ट क्षेत्राधिकारी का बयान भी मिला। इस पोस्ट के साथ कैप्शन में बताया गया है, ‘थाना सिविल लाइन- अवगत कराना है कि कल दि0 13.08.26 को शाम करीब 07.30 बजे सूचना प्राप्त हुई कि शमशाद मार्केट में दो दुकानदार पक्षों के मध्य झगड़ा हो रहा है । इस सूचना पर तत्काल स्थानीय पुलिस मौके पर पहुँची, मौके से दोनों पक्षों के 04 उपद्रवी तत्वों को पुलिस हिरासत में लिया गया है, अभियोग पंजीकृत कर दोनों पक्षों के विरुद्ध अग्रिम विधिक कार्यवाही की जा रही है । मौक पर शांति है । इस सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी नगर तृतीय द्वारा दी गई बाइट ।’

पुलिस के बयान में भी घटना में कहीं भी सांप्रदायिक विवाद या फिर तिरंगा यात्रा विवाद का जिक्र नहीं है।

इसके बाद ज्यादा जानकारी के लिए हमारी टीम ने न्यूज एट-9 के चीफ एडिटर शादाब से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि इस घटना में धर्म या फिर तिरंगा यात्रा विवाद का एंगल नहीं है। दोनों ही पक्ष मुस्लिम हैं और मामला टिफिन विवाद से जुड़ा था। वहीं हमने पीड़ित दुकानदार फैजान बहादुर के भाई सलमान बहादुर से संपर्क किया। सलमान ने भी बताया कि दोनों पक्ष मुस्लिम ही हैं और इस घटना में सांप्रदायिक विवाद का मामला नहीं है।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के साथ भ्रामक दावा किया गया है। अलीगढ़ के शमशाद मार्केट की घटना में टिफिन को लेकर दो दुकानदारों के बीच विवाद हुआ था। यह विवाद ना तो हिन्दू-मुस्लिम पक्षों के बीच हुआ है और ना ही यह तिरंगा यात्रा निकालने पर मुस्लिमों द्वारा जाटव समाज के युवाओं की पिटाई का मामला है। इस घटना में दोनों पक्ष मुस्लिम ही हैं।

Claim ReviewMuslims attacked Hindu shopkeepers in Aligarh..
Claimed ByX and Instagram Users
Fact CheckMisleading

Our Sources:

  1. Video posted by Newsat9 on August 14th, 2026
  2. News Coverage by Dainik Jagran on August 14th, 2026
  3. Aligarh Police X handle post on August 14th, 2026
  4. Newsat9 Chief Editor Shadab statement to DFRAC
  5. Salman Bahadur, brother of the victim Faizan Bahadur statement to DFRAC