पश्चिम बंगाल के R.G. Kar Medical College and Hospital से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि एक हिंदू एमडी छात्रा के साथ “चार मुस्लिमों” ने बलात्कार कर उसकी हत्या कर दी थी और इस घटना के विरोध में एक महिला डॉक्टर ने “मां काली का रूप” धारण कर नृत्य किया।

Source: X
सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर जितेंद्र प्रताप सिंह ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में चार मुसलमानों ने एक हिंदू एमडी कर रही छात्रा का बलात्कार करके मार दिया था मुख्य आरोपी जो मुस्लिम था वह तृणमूल कांग्रेस का नेता था बड़ी बेरहमी से कत्ल किया था पूरे बंगाल ही नहीं बल्कि पूरे देश में इस घटना के प्रति गुस्सा था ममता बनर्जी की पुलिस आरोपियों को बचाने में जुट गई क्योंकि मुख्य आरोपी मुस्लिम था और तृणमूल कांग्रेस का नेता था फोरेंसिक एक्सपर्ट के आए बिना घटनास्थल को खोल दिया गया 200 से ढाई सौ लोग गए ताकि पूरा डीएनए नष्ट हो जाए और इस घटना के विरोध में जब आरजी कर मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और छात्रों ने लंबे समय तक विरोध किया था तब इस विरोध प्रदर्शन के दौरान एक महिला डॉक्टर ने कालीका का नृत्य किया था और ऐसा लग रहा था कि उस महिला डॉक्टर के अंदर साक्षात काली मां आ गई है और उन्होंने कहा था कि डायन तू भस्म होगी डायन तेरा राज जाएगा

Source: X

Source: X

Source: X
इसके अलावा कई अन्य यूजर ने वायरल वीडियो को ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया है। जिसे यहां पर क्लिक कर देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:

Source: BBC
वायरल वीडियो के साथ किये गए दावे की जांच के लिए हमने सबसे पहले आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट की पड़ताल की। इस दौरान हमें बीबीसी न्यूज़ की 18 जनवरी 2025 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में भारत की एक अदालत ने एक ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और हत्या के मामले में एक व्यक्ति को दोषी ठहराया है – इस अपराध ने पूरे देश में भारी गुस्सा पैदा कर दिया था। संजय रॉय, जो अस्पताल में एक वॉलंटियर के तौर पर काम करता था, को इस हमले का दोषी पाया गया। यह घटना पिछले साल अगस्त में पश्चिम बंगाल राज्य के कोलकाता शहर में स्थित एक अस्पताल में हुई थी।

Source: The Hindu
इसके अलावा द हिन्दू की एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि सियालदह की अतिरिक्त ज़िला एवं सत्र अदालत ने (18 जनवरी, 2025) को आरोपी संजय रॉय को, सरकारी R.G. Kar मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात एक डॉक्टर के साथ बलात्कार और उसकी हत्या का “दोषी” ठहराया।

Source: India Today
इसके अलावा हमने वायरल वीडियो की भी जांच की। वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च करने पर हमें पता चला कि वायरल वीडियो में डांस कर रही महिला कोई डॉक्टर नहीं बल्कि अभिनेत्री मोक्षा सेन गुप्ता है। मोक्षा सेन गुप्ता दक्षिण भारतीय सिनेमा में सक्रिय इस बंगाली अभिनेत्री है।

Source: India Today
इंडिया टुडे को दिये इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में, मोक्षा ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। मोक्षा ने कहा, “जब मैंने पहली बार इस अपराध के बारे में सुना, तब मैं एक फ़िल्म रिलीज़ के सिलसिले में हैदराबाद में थी और मुझे वहाँ की स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं थी। जैसे ही मुझे कोलकाता में हुई इस जघन्य घटना के बारे में पता चला, मैं विरोध प्रदर्शन करने के लिए अपने शहर लौट आई। मुझे लगा कि मुझे कुछ करना ही चाहिए, क्योंकि मैं एक संवेदनशील इंसान हूँ। एक कलाकार होने के नाते, मैंने विरोध के तौर पर सड़क पर प्रदर्शन करने का तरीका चुना। मैंने अपना समय अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने में लगाया, अपनी कला के ज़रिए आम लोगों की चिंताओं को आवाज़ दी, और शहर के निवासियों के प्रतिनिधि के तौर पर खड़ी रही।”
इसके अतिरिक्त, कोलकाता निवासी मुज़म्मिल बरकाती से बातचीत में भी यही बात सामने आई कि घटना के मुख्य आरोपी को मुस्लिम बताने का दावा निराधार है।
निष्कर्ष:
वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक है। उपलब्ध तथ्यों और विश्वसनीय रिपोर्ट्स से स्पष्ट है कि मामले में एक ही आरोपी संजय रॉय दोषी पाया गया था, जबकि वीडियो में दिखाई दे रही महिला कोई डॉक्टर नहीं बल्कि अभिनेत्री मोक्षा सेन गुप्ता हैं। ऐसे में घटना को सांप्रदायिक रंग देकर प्रस्तुत किया जाना तथ्यात्मक रूप से गलत और भ्रामक है।

