फैक्ट चेक: शिरडी साई मंदिर की कमाई को लेकर वायरल दावा गलत

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सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कुछ युवक एक बड़े बक्से से नोट निकालकर उन्हें अलग-अलग झोलों में भरते दिखाई दे रहे हैं। इसके साथ दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो शिरडी के साई मंदिर का है और मंदिर की कमाई मुस्लिमों के पास जा रही है।

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सोशल साईट X पर यूजर उपेंद्र बाजपाई ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि *IMG_256IMG_257IMG_258“शिरडी सांई”की झोली में डाली गई -“हिन्दुओं की कमाई”,IMG_259“कहाँ जा रही है”??IMG_260IMG_261 “खुद ही,देख लो” ! IMG_262IMG_263IMG_264IMG_265* *IMG_266“इसको इतना वायरल करो”…,कि :- “देश के एक एक हिंदू तक पहुंचे”…,? जोकि :- “आंखे होते हुए भी”,”अंधे बने हैं” ?*IMG_267IMG_268IMG_269IMG_270IMG_271IMG_272

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वहीं कई अन्य यूजर ने भी वायरल वीडियो को ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया है। जिसे यहां पर क्लिक कर देखा जा सकता है।

फैक्ट चेक:

Source: Youtube

DFRAC की जांच में वायरल दावा गलत निकला। वीडियो के की-फ्रेम निकालकर रिवर्स सर्च करने पर यही वीडियो YouTube पर मिला, जिसे 30 अगस्त 2025 को ‘Bangladesh Guardian’ चैनल ने अपलोड किया था। कैप्शन में साफ लिखा है कि यह वीडियो बांग्लादेश की पगला मस्जिद का है।

Source: Dhaka Tribune

आगे की जांच में Dhaka Tribune की एक रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश के किशोरगंज स्थित Pagla Mosque में दानपात्र खोलने पर करीब 12.09 करोड़ टका (Tk) का चंदा मिला। यह पिछली बार के 9.17 करोड़ टका के रिकॉर्ड से अधिक था। रिपोर्ट में बताया गया कि दान की गिनती में लगभग 13 घंटे लगे इस प्रक्रिया में मस्जिद स्टाफ, मदरसे के छात्र, बैंक अधिकारी और स्वयंसेवकों समेत 450 से अधिक लोग शामिल थे। सुरक्षा के लिए सेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों की तैनाती की गई थी। दान में नकद के अलावा सोना, चांदी और विदेशी मुद्रा भी शामिल थी।

निष्कर्ष:

वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक है। यह वीडियो शिरडी साई मंदिर का नहीं, बल्कि बांग्लादेश की पगला मस्जिद का है, जहां दानपात्रों से पैसे निकाले जा रहे थे।