अमेरिका और ईरान में तनातनी चल रही है। 8 अप्रैल को लागू हुआ सीजफायर भी 22 अप्रैल को खत्म हो रहा है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें समुद्र में शिप पर सैनिकों को कुछ हमलावरों को हिरासत में लेते हुए देखा जा सकता है। इस वीडियो के साथ यह दावा किया जा रहा है कि ईरान के साथ चीन ने दोस्ती निभाई है और ईरानी शिप पर गोलीबारी कर रहे हमलावरों को गिरफ्तार किया है।
इस वीडियो को शेयर करते हुए TANVIR RANGREZ नामक ने लिखा, ‘Breaking 20/04/2026 समंदर में चीन का पराक्रम: ईरानी जहाज पर हमला करने वाले ‘अजनबियों’ को धूल चटाई, चीन ने निभाई दोस्ती.. समुद्र की लहरों पर जब ईरानी जहाज पर गोलियां बरसाई जा रही थीं, तब चीन की सेना ने ‘मसीहा’ बनकर एंट्री ली! जब कुछ अनजान हमलावरों ने ईरानी जहाज को घेर कर गोलियां चलानी शुरू की, पास ही चीनी सेना ने जब ये देखा तो अपनी एंट्री मार दी ,जहाज को उपद्रवियों से आजाद कराया बल्कि उनकी खातिरदारी भी की ,, चीन ने साबित कर दिया कि मुश्किल वक्त में वो ईरान के साथ है ,,’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो चीन द्वारा ईरानी शिप पर गोलीबारी करने वाले हमलावरों को गिरफ्तार करने का नहीं है। यह वीडियो भारत और सेशेल्स के संयुक्त अभ्यास लामितिये 2026 का है। हमें यह वीडियो इंडिया टुडे और टाइम्स नाउ सहित कई यूट्यूब चैनलों पर अपलोड मिला। इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई है कि यह भारतीय सशस्त्र बल और सेशेल्स रक्षा बल SDF के बीच 11वां संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘LAMITIYE 2026’ है।
रिपब्लिक भारत के फेसबुक पेज पर इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई है, ‘सेशेल्स में 9 से 20 मार्च तक आयोजित ‘LAMITIYE 2026’ के 11वें संस्करण में भारतीय सशस्त्र बलों और सेशेल्स डिफेंस फोर्स ने मिलकर सेमी-अर्बन और समुद्री सुरक्षा पर संयुक्त अभ्यास किया। इस दौरान जॉइंट ऑपरेशन सेंटर की स्थापना, कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन, प्रिसिजन असॉल्ट और VBSS जैसी एडवांस ड्रिल्स की गईं। प्रासलिन द्वीप पर 72 घंटे के हाई-इंटेंसिटी फेज में उभयचर ऑपरेशन, UAV सर्विलांस और कोऑर्डिनेटेड रेड्स के जरिए दोनों देशों की संयुक्त क्षमता और तालमेल का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला।’
भारत की प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की आधिकारिक प्रेस रिलीज के मुताबिक, ‘भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और सेशेल्स रक्षा बलों (एसडीएफ) के सदस्यों के साथ, आईएनएस त्रिकंद ने अभ्यास लामितिये 2026 के पहले त्रि-सेवा संस्करण में भाग लिया। यह अभ्यास लामितिये में भारतीय नौसेना की पहली भागीदारी है। बंदरगाह चरण के दौरान, जहाज पर विजिट, बोर्ड, सर्च एंड सीजर (VBSS) प्रशिक्षण आयोजित किया गया, जिसमें संयुक्त बोर्डिंग अभ्यास भी शामिल थे। इसके बाद अभ्यास का समुद्री चरण शुरू हुआ, जिसके दौरान जहाज ने SCGS ले विजिलेंट के साथ अभ्यास किया और भारतीय नौसेना के मरीन कमांडो और SDF के विशेष बलों की एक टीम द्वारा समुद्र में संयुक्त बोर्डिंग अभियान चलाया गया। इसके बाद भारतीय सेना और सेशेल्स रक्षा बलों के सैनिकों ने प्रस्लिन द्वीप पर लैंडिंग की। SDF के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज मेजर जनरल माइकल रोसेट, SDF के डिप्टी चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज ब्रिगेडियर जीन अट्टाला और अन्य वरिष्ठ अधिकारी अभ्यास के संचालन को देखने के लिए समुद्री चरण के दौरान INS त्रिकंद पर सवार हुए।’

वहीं भारतीय सेना के ADGPI और सेशेल्स रक्षा बलों (एसडीएफ) के आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) हैंडल्स से भी संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘LAMITIYE 2026’ की सूचना दी गई है।

निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो ईरानी शिप पर गोलीबारी कर रहे हमलावरों को चीन द्वारा गिरफ्तार करने का नहीं है। यह वीडियो भारत-सेशेल्स के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास का है। इसलिए यूजर का दावा भ्रामक है।

