फैक्ट चेक: इंडियन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड  ट्रंप का उड़ाया मजाक? जानिए वायरल वीडियो का सच

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सोशल मीडिया पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो के हवाले से दावा किया जा रहा है कि सीडीएस वायरल वीडियो में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अमेरिकी प्रशासन का मजाक उड़ा रहे हैं।

Source: X

सोशल साइट X पर वेरिफाइड यूजर “द व्हिसल ब्लोवर” ने वीडियो शेयर करते हुए दावा किया कि इंडियन चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ ने मज़ाक में कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के पास कोई वास्तविक शक्ति नहीं है और इजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ही अमेरिका के वास्तविक शासक हैं।

फैक्ट चेक:

वायरल वीडियो के साथ किए गए दावे की जांच के लिए DFRAC ने वीडियो को कीफ्रेम में कन्वर्ट कर रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें वीडियो का मूल संस्करण X पर India Today के आधिकारिक हैंडल पर मिला। यह वीडियो 18 अप्रैल 2026 को पोस्ट किया गया था।

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वीडियो के कैप्शन में बताया गया था कि चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान ने भारत को “ऑपरेशन सिंदूर” के अगले चरण के लिए तैयार रहने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सशस्त्र बलों को पुराने ऑपरेशन्स से आगे बढ़कर भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए।

उत्तराखंड में भारत-चीन सीमा के पास India Today को दिए इंटरव्यू में जनरल अनिल चौहान ने कहा था कि भारत को पिछले “ऑपरेशन सिंदूर” की पुनरावृत्ति के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने सेना की भविष्य की रणनीति, नई सैन्य चुनौतियों और तैयारियों पर बात की थी।

इसके साथ ही, इंडिया टुडे की रिपोर्ट में भी कहीं यह उल्लेख नहीं मिला कि जनरल अनिल चौहान ने डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिकी प्रशासन, बेंजामिन नेतन्याहू या जेडी वेंस को लेकर कोई टिप्पणी की हो।

वायरल वीडियो के बारे में अधिक जानकारी जुटाने के लिए हमने एआई एक्सपर्ट मयंक शर्मा से संपर्क किया। वीडियो का विश्लेषण करने के बाद मयंक ने बताया कि यह वीडियो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स की मदद से तैयार किया गया प्रतीत होता है। वीडियो को बारीकी से देखने पर कई दृश्य असंगतियां और एडिटिंग से जुड़े संकेत नजर आते हैं, जो इसके कृत्रिम रूप से बनाए जाने की ओर इशारा करते हैं।

निष्कर्ष:

वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा फेक है। असली वीडियो को संदर्भ से हटाकर और संभवतः एडिट कर भ्रामक नैरेटिव बनाया गया है।