Pakistan and Iran

Digital Deception: पाकिस्तान आधारित अकाउंट्स ईरानी बनकर फैला रहे फेक वॉर अपडेट्स

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सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई ऐसे हैंडल सक्रिय हैं, जो खुद को ईरानी मीडिया या ईरानी मिलिट्री से जुड़ा बताते हैं। लेकिन जांच में सामने आया है कि इन अकाउंट्स का संचालन ईरान से नहीं, बल्कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और दुनिया के दूसरे देशों से हो रहा है। ये हैंडल्स अक्सर युद्ध और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जुड़ी भ्रामक और अपुष्ट सूचनाएं फैलाते नजर आते हैं।

जांच में ऐसे कई X हैंडल सामने आए हैं जो खुद को ईरानी मीडिया या मिलिट्री से जुड़ा बताते हैं, लेकिन इनका संचालन अलग-अलग देशों से हो रहा है। अफगानिस्तान से IranPressp0k और IranUpdate99 है। वहीं पाकिस्तान से irantimes3, IranianTime, Rimland_Intel, force25877, IranUpdates0, IraniMilitaryy, बांग्लादेश से _Iran__News हैं। वहीं अन्य देशों से iraninarabic_ir, DailyIranNews, और GEM4_press है। ये हैंडल खुद को ईरानी मीडिया, सैन्य सूत्र या ‘इनसाइड अपडेट’ देने वाला अकाउंट बताकर पोस्ट करते हैं। लेकिन इनमें से कई की पोस्ट्स में अक्सर बिना किसी आधिकारिक स्रोत के युद्ध, सैन्य गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय घटनाओं से जुड़ी अपुष्ट या भ्रामक जानकारी शेयर की जाती है। इस तरह के अकाउंट्स सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने वाली सूचनाओं का फायदा उठाकर खुद को भरोसेमंद स्रोत की तरह पेश करने की कोशिश करते हैं।

इन अकाउंट्स की प्रोफाइल जानकारी देखने पर एक और अहम तथ्य सामने आता है। कई हैंडल अपने नाम और प्रोफाइल फोटो में ईरान का झंडा और ईरानी पहचान दिखाते हैं, लोकेशन में तेहरान या ईरान लिखते हैं, लेकिन अकाउंट डिटेल में “Account based in Pakistan” लिखा हुआ दिखाई देता है। यानी ये अकाउंट खुद को ईरानी मीडिया या सैन्य स्रोत की तरह पेश करते हैं, जबकि इनका वास्तविक संचालन पाकिस्तान से होता दिख रहा है। इससे यह भी संकेत मिलता है कि सोशल मीडिया पर ईरान के नाम का इस्तेमाल कर भ्रामक जानकारी फैलाने की कोशिश की जा रही है।

इसी तरह कुछ अन्य अकाउंट्स की प्रोफाइल जानकारी देखने पर पता चलता है कि वे खुद को ईरान से जुड़ा बताने की कोशिश करते हैं, लेकिन उनकी लोकेशन किसी और देश की है। उदाहरण के तौर पर Iran Press और Iran Update जैसे हैंडल्स की अकाउंट डिटेल में “Account based in Afghanistan” दिखता है। वहीं Iran Times नाम का एक अन्य हैंडल “Account based in Bangladesh” बताया गया है। यानी नाम और पहचान ईरान की दिखाई जाती है, लेकिन अकाउंट की वास्तविक लोकेशन किसी दूसरे देश की है।

कुछ अन्य अकाउंट्स की प्रोफाइल जानकारी यह भी दिखाती है कि वे ईरान से जुड़े होने का आभास देते हैं, लेकिन उनकी लोकेशन अलग-अलग देशों की है। उदाहरण के तौर पर iraninarabic_ir नाम का हैंडल “Account based in Germany” दिखाता है। वहीं DailyIranNews की लोकेशन “North America” बताई गई है और GEM4_press नाम का हैंडल “West Asia” से संचालित बताया गया है।

इनमें से कई हैंडल खुद को ईरानी मीडिया या सैन्य स्रोत की तरह पेश करते हैं, लेकिन उनकी पोस्ट्स में भारत से जुड़ी भ्रामक या तथ्यहीन बातें देखने को मिलती हैं। कई मामलों में ये अकाउंट अंतरराष्ट्रीय घटनाओं या क्षेत्रीय तनाव के बहाने भारत विरोधी नैरेटिव को बढ़ावा देते नजर आते हैं। उपलब्ध प्रोफाइल जानकारी के आधार पर यह भी देखा गया है कि इस तरह की गतिविधियां खासतौर पर पाकिस्तान से संचालित बताए जाने वाले अकाउंट्स में अधिक दिखाई देती हैं।

जांच के दौरान इन अकाउंट्स की कई पोस्ट में भ्रामक और अपुष्ट दावे देखने को मिले। उदाहरण के तौर पर irantimes3 नाम के एक हैंडल ने पोस्ट कर दावा किया कि इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को ईरान ने मार दिया है और उनका शव मलबे में मिला है। हालांकि इस तरह के दावों को इजरायली अधिकारियों और विश्वसनीय स्रोतों ने खारिज किया और बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित हैं।

इसी तरह कुछ पोस्ट में यह भी दावा किया गया कि रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ईरान पहुंच चुके हैं। लेकिन इस दावे की पुष्टि किसी आधिकारिक सरकारी या विश्वसनीय मीडिया स्रोत से नहीं हुई। इसके अलावा कुछ पोस्ट में युद्ध और सैन्य गतिविधियों से जुड़े एआई वीडियो और तस्वीरें भी शेयर की गईं, जिनका संदर्भ स्पष्ट नहीं था। उदाहरण के तौर पर जहाज के झुकने का एक एआई वीडियो साझा कर उसे ईरान-इजरायल युद्ध से जोड़कर पेश किया गया, जबकि पोस्ट में इसका कोई विश्वसनीय स्रोत नहीं दिया गया।

निष्कर्षः

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई ऐसे अकाउंट सक्रिय हैं जो खुद को ईरानी मीडिया या सैन्य स्रोत के रूप में पेश करते हैं। हालांकि प्रोफाइल जानकारी और अकाउंट डिटेल्स से पता चलता है कि इनमें से कई हैंडल ईरान के बजाय पाकिस्तान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और अन्य देशों से संचालित होते हैं। इन अकाउंट्स के कंटेंट एनालिसिस में यह भी देखा गया कि वे अक्सर युद्ध से जुड़े अपडेट, अपुष्ट सैन्य दावे और भ्रामक सूचनाएं साझा करते हैं। कुछ पोस्ट में प्रमुख अंतरराष्ट्रीय नेताओं या घटनाओं को लेकर गलत दावे भी किए गए, जिससे सोशल मीडिया पर भ्रम की स्थिति बन सकती है।