सोशल मीडिया पर एक मंदिर के पुजारी का वीडियो जमकर वायरल है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि मंदिर के अंदर पुजारी के साथ कुछ मुस्लिम भी मौजूद है। एक रिपोर्टर से बात करते हुए पुजारी हाथ में कुरान लेकर कसम खाते हुए मोदी सरकार की आलोचना करता है। पुजारी को यह कहते हुए सुना जा सकता है, ‘मैं इस कुरान की कसम खाकर कहता हूं कि इस मोदी की वजह से हमारे मुल्क का हाल खराब है। अगर इस मुल्क में किसी मुस्लिम लीडर की हुकुमत होती, तो हालत ये ना होते।’
इस वीडियो को शेयर करते हुए Adv.Nazneen Akhtar नामक यूजर ने लिखा, ‘मैं कुरान की कसम खा कर कहता हूं के इस मोदी की वजह से हमारे मुल्क का हाल खराब है अगर इस मुल्क में किसी मुस्लिम लीडर की हुकूमत होती तो हालत ये ना होते” बेशक अंधभक्तों देख लो और कुछ सीखो अपने भाई बंधु से व्हाट्सअप यूनिवर्सिटी वाला ज्ञान हटा कर अपने भाई से जरा सही ज्ञान ले लो’

इसके अलावा इस वीडियो को कई अन्य यूजर्स द्वारा भी ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया गया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि यह किसी मंदिर के पुजारी का वास्तविक वीडियो नहीं है, बल्कि इस वीडियो को आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) द्वारा बनाया गया है। वीडियो के कीफ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमने पाया कि यह वीडियो टिकटॉक पर happy religion नामक यूजर द्वारा पोस्ट किया गया है। यह यूजर AI-जनरेटेड वीडियो पोस्ट करता है। आपको बता दें कि टिकटॉक भारत में प्रतिबंधित है।

वहीं हमने जांच के दौरान यह भी पाया कि इस टिकटॉक यूजर ने और भी कई AI वीडियो पोस्ट किए गए हैं, जिसमें हिन्दू पुजारियों, ईसाई पादरी और यहूदी धर्म के धर्मगुरु को हाथ में कुरान के साथ दिखाया गया है।

वहीं आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने वायरल वीडियो की AI-डिटेक्टर टूल्स हाइव मॉडरेशन और detectvideo.ai से जांच की। हमारी जांच में परिणाम सामने आया कि यह वीडियो AI-जनरेटेड है। हाइव मॉडरेशन की रिपोर्ट के मुताबिक वायरल वीडियो 98.6% AI-जनरेटेड है, वहीं detectvideo.ai की जांच के अनुसार वीडियो के AI-निर्मित होने के चांस 72% है।

वायरल वीडियो के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए हमारी टीम ने एआई विशेषज्ञ मयंक शर्मा से संपर्क किया। मयंक ने बताया कि वीडियो में लोगों के चेहरे और उनके हाव-भाव भी पूरी तरह प्राकृतिक नहीं लगते। पुजारी के बगल में खड़े शख्स के हाथों की ऊंगलियां भी सही नहीं हैं। वहीं, कुछ जगह चेहरे थोड़े स्मूद या अजीब दिखते हैं, जो AI वीडियो में अक्सर होता है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर कुरान की कसम खाकर मोदी सरकार की आलोचना करते पुजारी का शेयर किया गया वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि AI-जनरेटेड है। इसलिए यूजर्स का दावा गलत है।

