सोशल मीडिया खासतौर पर फेसबुक पर एक वीडियो शेयर किया गया है, जिसमें देखा जा सकता है कि एक मुस्लिम शख्स की भीड़ द्वारा पिटाई की जा रही है। यूजर्स इस वीडियो को शेयर कर दावा कर रहे हैं कि मुंबई के मीरा रोड में धार्मिक पहचान की वजह से एक मुस्लिम युवक की भीड़ द्वारा पिटाई की गई और उससे जय श्री राम के नारे लगवाए गए।
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘जय श्री राम! जय श्री राम! “ओए ! जय श्री राम बोल ! व्यक्तिः “बोल जय श्री राम बोल” बताया जा रहा ये वीडियो मुंबई के मीरा रोड की है, जहां एक मुस्लिम लड़के को धार्मिक पहचान के आधार पर पिटाई की गई और जबरन जय श्री राम के नारे लगवाएं!’

इसके अलावा कई अन्य यूजर्स द्वारा भी इस वीडियो को मुंबई के मीरा रोड का बताते हुए शेयर किया गया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह घटना मुंबई के मीरा रोड की नहीं है, बल्कि जनवरी में तेलंगाना के हैदराबाद में हुई घटना की है। यह मामला धार्मिक पहचान के आधार पर पिटाई किए जाने का नहीं है, बल्कि एक मंदिर में गंदगी करने के आरोप में युवक की पिटाई का है।
वायरल वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमें युवक की पिटाई का वीडियो Siasat Daily के यूट्यूब चैनल पर 11 जनवरी को अपलोड मिला। इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई है, ‘हैदराबाद: सफिलगुडा में मंदिर में अपवित्र करने के आरोप में एक व्यक्ति गिरफ्तार, हिंदू संगठनों ने किया विरोध प्रदर्शन’
इसके आगे की जांच में हमें ज़ी न्यूज़ और एबीपी न्यूज़ सहित कई मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं, जिसमें इस घटना को 10 जनवरी का बताया गया है। ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘हैदराबाद में एक मुस्लिम शख्स के मंदिर में गंदगी फैलाकर अपवित्र करने का मामला सामने आया है. इस बात से नाराज मंदिर के बाहर खड़ी भीड़ ने इस शख्स की बुरी तरह से पिटाई कर दी है. इस शख्स का नाम अल्ताफ बताया जा रहा है. दरअसल कथित तौर पर इस शख्स ने मंदिर के कट्टा मैसम्मा परिसर में घुसकर भगवान की मूर्ति के पास शौच कर दिया था.’

निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो मुंबई के मीरा रोड का नहीं है और इसमें धार्मिक पहचान की वजह से पिटाई किए जाने का मामला भी नहीं है। यह वीडियो 10 जनवरी को हैदराबाद में मुस्लिम शख्स की मंदिर में गंदगी करने के आरोप में की गई पिटाई का है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।

