सोशल मीडिया पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का एक पोस्टकार्ड वायरल हो रहा है, जिसमें उनका बयान है कि पीएम मोदी अमेरिका आकर एपस्टीन फाइल डिलीट करने की अपील करते थे। इस पोस्टकार्ड पर टेक्स्ट लिखा है, ‘MR. मोदी मेरे देश में आते थे और मुझसे एपिस्टीन फाइल डिलीट करने की अपील करते थे बदले में वो मेरे सामने नाचते भी थे” डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्रपति, अमेरिका’।
इस पोस्टकार्ड को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘#BigBreaking : #BBCNews का बड़ा खुलासा: अब पता चला मोदी क्यों चुप है। #Trump ने कहा: मोदी मेरे यहां आते थे और #EpstineFile डिलीट करने के लिए कहते थे और बदले में नाचते भी थे। #ModiInEpsteinFiles #IranWar #IranIsraelWar #DonaldTrump #America‘

इसके अलावा कई अन्य यूजर्स द्वारा भी इस पोस्टकार्ड को शेयर किया गया है, जिसे यहां और यहां क्लिक करके देखा जा सकता है।
फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल पोस्टकार्ड की जांच में पाया कि यह फेक है और डोनाल्ड ट्रंप ने पीएम मोदी को लेकर ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। हमारी टीम ने जांच के दौरान पाया कि इस पोस्टकार्ड पर बीबीसी न्यूज का लोगो लगा है। जिसके बाद हमने बीबीसी के सोशल मीडिया हैंडल्स को देखा। ट्रंप की इस तस्वीर के साथ हमें हाल-फिलहाल का एक पोस्टकार्ड मिला, जिसपर ट्रंप का बयान है, ‘ईरान की एयरफोर्स, नेवी, एयर डिफेंस और लीडरशिप खत्म हो गई है। वे बात करना चाहते हैं। मैंने कहा ‘बहुत देर हो गई है।’

इसके अलावा हमारी टीम ने वायरल पोस्टकार्ड को गौर से देखने पर पाया कि इस पर एक वेबसाइट का यूआरएल https://photext.shop लिखा है। यह एक ऑनलाइन AI टूल है जिससे किसी भी फोटो या स्क्रीनशॉट पर लिखा हुआ टेक्स्ट बदला जा सकता है।

इसके अलावा हमने ट्रंप के बयान के संदर्भ में गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया, लेकिन हमें किसी भी आधिकारिक बयान, राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय मीडिया के किसी भी रिपोर्ट में ट्रंप का ऐसा कोई बयान नहीं मिला, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी द्वारा अमेरिकी दौरे पर एपस्टीन फाइल डिलीट करने की अपील की सूचना दी गई हो।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया डोनाल्ड ट्रंप के बयान का पोस्टकार्ड फेक है। बीबीसी न्यूज ने ऐसा कोई पोस्टकार्ड प्रकाशित नहीं किया है। वायरल पोस्टकार्ड में AI एडिटिंग टूल का इस्तेमाल करके टेक्स्ट बदला गया है। इसलिए यूजर्स का दावा फेक है।

