भारतीय राज्य मणिपुर को लेकर सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स और उनसे जुड़े कई यूजर्स लगातार फेक और भ्रामक सूचनाएं शेयर कर रहे हैं। इन यूजर्स द्वारा 500 रुपए की करेंसी की तस्वीर शेयर करते हुए दावा किया गया है कि मणिपुर ने भारतीय रुपए से अलग अपनी खुद की करेंसी जारी की है। इस नोट पर सेंट्रल बैंक ऑफ मणिपुर लिखा गया है।
इस करेंसी को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘मणिपुर गणराज्य की नई करेंसी। आर्थिक आज़ादी और राष्ट्रीय पहचान की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम, मणिपुर गणराज्य गर्व से अपनी नई करेंसी पेश कर रहा है। यह मील का पत्थर देश के लिए फाइनेंशियल सॉवरेनिटी, ग्रोथ और आत्मनिर्भरता के एक नए युग का प्रतीक है।’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल करेंसी की जांच में पाया कि यह फेक करेंसी है। ना तो मणिपुर सरकार ने ऐसी कोई करेंसी जारी की है और ना ही मणिपुर में कोई सेंट्रल बैंक ऑफ मणिपुर है। हमारी टीम ने सबसे पहले वायरल करेंसी की जांच की। हमने पाया कि इस करेंसी को AI द्वारा बनाया गया है। हमने जब AI-डिटेक्शन टूल हाइव मॉडरेशन पर इसकी जांच की तो पाया कि इसके AI-जनरेटेड होने के चांस 99.9 प्रतिशत है।

वहीं आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने सेंट्रल बैंक ऑफ मणिपुर के बारे में जानकारी इकट्ठा करने की कोशिश की। हमें मणिपुर सरकार के फाइनेंस डिपार्टमेंट का जिलावार बैंकों का आंकड़ा मिला। इस लिस्ट में कहीं भी सेंट्रल बैंक ऑफ मणिपुर नहीं है।
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि मणिपुर सरकार द्वारा नई करेंसी जारी नहीं की गई है। वायरल हो रही कथित करेंसी की तस्वीरें AI-जनरेटेड हैं। इसलिए यूजर्स का दावा फेक है।

