सोशल मीडिया पर ईरान में हो रहे प्रदर्शन के कई फोटो और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इनमें कई ऐसे वीडियो भी ऐसे हैं, जो ईरान के नहीं हैं, लेकिन उन्हें ईरान का बताकर शेयर किया गया है। ऐसे ही एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक महिला बुर्का उतारकर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन कर रही है।
इस वीडियो को शेयर करते हुए Abhay Pratap Singh नामक यूजर ने लिखा, ‘ईरान की इस बहादुर लड़की को देखिए खामनेई की इस्लामिक सत्ता के खिलाफ बुर्का उतारकर खुला मोर्चा खोल दिया है बुर्का उतार फेंका और टॉप पर लिखा है F**k Khamenei Iran से इस्लामिक सत्ता के खिलाफ लड़कियां सबसे आगे हैं वहीं भारत की फेमिनिस्ट मादाएं हिजाब के समर्थन में लुंगी डांस करती हैं’

वायरल वीडियो को Jitendra pratap singh नामक यूजर ने भी ईरान का बताकर शेयर किया है।

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह ईरान में महिला द्वारा बुर्का उतारकर किए गए प्रदर्शन का नहीं है। वीडियो के की-फ्रेम्स को रिवर्स इमेज सर्च करने पर हमने पाया कि इस वीडियो को कैमिली इरोस Camille Eros नामक यूजर द्वारा एक्स (पूर्व ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया है।

वहीं एक पोस्ट की रिप्लाई में कैमिली इरोस ने बताया कि यह वीडियो पेरिस का है। कैमिली ने लिखा, ‘आपके शब्दों के लिए धन्यवाद। 🙏🏻 मैं बस यह पक्का करना चाहती हूँ कि आपको पता हो कि यह घटना पेरिस, फ्रांस में हुई थी। इसमें मुझे उतनी हिम्मत नहीं लगी जितनी ईरान के लोगों में है। फ्रांस और EU में इस्लामिक खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन हमारे हीरो ईरानी हैं।’ (हिन्दी अनुवाद)
कैमिली इरोस ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर Collectif Eros से जुड़े होने की जानकारी दी है। यह संगठन खुद को इस्लामवादी विचारधारा के खिलाफ एक एसोसिएशन के तौर पर पेश करता है। इसकी वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक कैमिली इरोस दक्षिणपंथी विचार से प्रभावित हैं। इससे पहले वह वामपंथी विचारधारा से जुड़ी थीं।

निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो ईरान में हुए प्रदर्शन का नहीं है। यह वीडियो फ्रांस में कैमिली इरोस नामक दक्षिणपंथी विचारधारा से प्रभावित महिला के प्रदर्शन का है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।

