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X पर यूजर प्रजापति ने वायरल तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा कि कोझिकोड (केरल) रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 पर भारतीय प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाने की अनुमति नहीं है!!.. दुकान मालिक ने प्रधानमंत्री की तस्वीर चिपकाकर/कागज़ से ढककर ब्लॉक कर दी है। कृपया इसे ठीक करवाएं। @IndianRailMedia

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वहीं एक अन्य यूजर वंदे मातरम ने भी इस तस्वीर को X पर शेयर किया है। इसके साथ ही लिखा कि प्लेटफार्म नंबर 4, कोझिकोड (केरल) रेलवे स्टेशन! यहाँ भारतीय प्रधानमंत्री की तस्वीर लगाने की अनुमति नहीं है!!.. दुकान के मालिक ने प्रधानमंत्री की तस्वीर को कागज़ से चिपकाकर/ढककर ब्लॉक कर दिया है

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इसके साथ ही कई अन्य यूजर ने भी ऐसे ही मिलते जुलते दावे के साथ इस तस्वीर को शेयर किया है। जिसे यहाँ और यहाँ देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:

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वायरल तस्वीर के साथ किए गए दावे की जांच के लिए DFRAC ने तस्वीर को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें ऐसी ही तस्वीर एक अन्य ट्वीट में मिली। ये तस्वीर 21 मार्च 2024 को पोस्ट की गई थी। साथ ही ट्वीट में लिखा था – कोझिकोड रेलवे स्टेशन पर दिलचस्प दृश्य! प्लेटफॉर्म 4 पर सफ़ेद कागज़ से ढकी प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीर। @RailMinIndia @AshwiniVaishnaw ऐसा लगता है कि आप भारत में हमारे प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ नफ़रत को बढ़ावा दे रहे हैं। आप इसके ख़िलाफ़ कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं, अश्विनी वैष्णव?

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इस ट्वीट के जवाब में दक्षिण रेलवे के पलक्कड डिवीजन की ओर से जानकारी देते हुए कहा गया – “भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है।“

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इसके साथ ही हमने चुनाव आयोग की आचार संहिता की भी जांच की। जिसमे स्पष्ट रूप से बताया गया कि सरकारी राजकोष की लागत पर सभी होर्डिंग और विज्ञापन इत्यादि जिसमे किसी मौजूदा राजनीतिक कार्यकर्ता अथवा राजनीतिक दल की उपलब्धि प्रदर्शित होती है और जिसमे उनकी फोटो अथवा नाम अथवा दल का प्रतीक हो उनको तत्काल हटा देना चाहिए क्योंकि कोई भी राजनीतिक कार्यकर्ता अथवा राजनीतिक दल सरकारी संसाधनों का उपयोग नहीं कर सकता।
निष्कर्ष:
अत: DFRAC के फैक्ट चेक से स्पष्ट है कि वायरल तस्वीर के साथ किया गया दावा भ्रामक है। क्योंकि तस्वीर को आचार संहिता की वजह से ढक दिया गया था।