
हिटलर नामक अकाउंट द्वारा उपरोक्त ग्राफिकल इमेज को ट्विटर पर शेयर कर कैप्शन दिया गया, “चौधरी चरण सिंह के क्रांति दल से मोहभंग हुआ तो कांग्रेस से राज्यसभा चला गया, फिर ऊब गया तो वीपी सिंह का सूट साफ करने लगा उसके बाद फिर से चौधराहट याद आई तो अजीत सिंह के संग हो लिया, मन नहीं लगा तो समाजवादी पार्टी में आ गया..लोकसभा का टिकट मिलते ही संघी बन बैठा…
आइटम है।”

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इसी तरह नवल किशोर सी ट्विटर हैंडल द्वारा यही दावा किया गया है।

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फ़ैक्ट-चेक
वायरल ग्राफिकल इमेज की हक़ीक़त जानने के लिए DFRAC टीम ने गूगल पर इस संदर्भ में कुछ की-वर्ड सर्च किया। इस दौरान हमें कहीं भी सत्यपाल मलिक द्वारा दिया गया ऐसा बयान नहीं मिला। अलबत्ता हमें कुछ मीडिया रिपोट्स ऐसे मिले कि जिनमें सत्यपाल मलिक के हवाले से कहा गया है कि- चुप रहने पर उपराष्ट्रपति बनाने का इशारा था।
दैनिक भास्कर और आज तक द्वारा पब्लिश न्यूज़ के अनुसार राजस्थान दौरे पर आए मलिक ने झुंझुनूं के बगड़ में पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने उप राष्ट्रपति चुनाव को लेकर बयान दिया था कि केंद्र सरकार की ओर से मुझे भी चुप रहने पर उप राष्ट्रपति बनाने का इशारा किया गया था, लेकिन मैंने कह दिया कि मैं ऐसा नहीं कर सकता। मैं जो महसूस करता हूं, वो ज़रूर बोलता हूं। चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी छोड़ना पड़े। हालांकि जगदीप धनखड़ इस पद के लिए डिजर्व करते हैं।

निष्कर्ष:
DFRAC के इस फ़ैक्ट-चेक से स्पष्ट है कि वायरल ग्राफ़िकल इमेज फ़ेक है, क्योंकि पूर्व गवर्नर सत्यपाल मलिक ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है कि उन्होंने राष्ट्रपति बनने की इच्छा ज़ाहिर की थी मगर पीएम मोदी अनसुना कर दिया।