
वीडियो को कई अन्य मीडिया पेजों और सोशल मीडिया पर यूजर्स द्वारा बहुत ही भड़काऊ टिप्पणियों के साथ और भारत के नागरिकों के लिए सावधानी के शब्दों के साथ पोस्ट किया गया, कि उन्हें इस खतरे से सावधान रहना चाहिए।

वीडियो पर हमने जो टिप्पणियां देखीं, उसके अनुसार वीडियो ने भारत में जनता के बीच दहशत की वास्तविक भावना पैदा की।
तथ्यों की जांच:
वीडियो के मुख्य फ्रेम को रिवर्स सर्च करने पर, हमने पाया कि वीडियो को पहली बार 7 अगस्त 2019 को यूट्यूब पर पोस्ट किया गया था। तब इसे एक बंगाली न्यूज चैनल ने भी कवर किया था। 2019 में इस वीडियो के कई अपलोड हैं।

हैरानी की बात यह है कि टीवी9 भारतवर्ष ने इतने खतरनाक वीडियो की फैक्ट चेक तक नहीं की। इस वीडियो को प्रसारित करने का उद्देश्य सिर्फ एक झूठी कहानी गढ़कर एक विशेष एजेंडा बनाना है ताकि अधिक से अधिक लोगों का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा सके और अपने व्यूवर्स की संख्या बढ़ाई जा सके। यह पुराना नए दावे साथ भारत के भीतर दहशत पैदा करनें की गरज़ से प्रसारित किया गया, टीवी 9 भारत वर्ष द्वारा वीडियो को लेकर किया गया दावा भ्रामक है और भारत में दहश्त का माहौल बनाने वाला है।
हमने इससे पहले TV9 भारतवर्ष द्वारा किए गए कई दावों की भी जांच की है। आप उन्हें यहाँ और यहाँ देख सकते हैं।