सोशल मीडिया पर दो वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के मेरठ में मस्जिदों को तोड़ा जा रहा है और इस दौरान पुलिस ने सात मुस्लिम युवकों की हत्या कर दी, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।

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सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर अनुशी तिवारी इंडियन ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि मैं एक #हिंदू भारतीय लड़की हूँ और मैं इसकी निंदा करती हूँ। #मेरठ में भारतीय #मुसलमानों को भीषण क्रूरता का सामना करना पड़ रहा है। मस्जिदों को तोड़ा जा रहा है, और @मेरठपुलिस ने 7 मुस्लिम लड़कों की जान ले ली है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं…
फैक्ट चेक:
वायरल वीडियो के साथ किये गए दावे की जांच के लिए DFRAC ने दावे से जुड़ी मेरठ से सबंधित न्यूज़ रिपोर्ट की पड़ताल की। लेकिन हमें ऐसी कोई न्यूज़ रिपोर्ट नहीं मिली। जिससे साबित होता हो कि मेरठ में मस्जिदों में तोड़फोड़ कि गई हो और पुलिस कार्रवाई के दौरान 07 मुस्लिम युवकों की जान चली गई हो।

Source: Dainik Bhaskar
ऐसे में हमने जांच को आगे बढ़ाते हुए अलग-अलग दोनों वायरल वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें पहले वीडियो के संबंध में दैनिक भास्कर की रिपोर्ट मिली। चार माह पुरानी इस रिपोर्ट के साथ वायरल वीडियो जैसा ही एक अन्य वीडियो देखा जा सकता है। वीडियो के बारे में जानकारी देते हुए रिपोर्ट में बताया गया कि “संभल में सरकारी कब्रिस्तान की ज़मीन पर बनी बताई जाने वाली ‘मुस्तफा कादरी’ नाम की एक मस्जिद को शनिवार को बुलडोज़र से गिरा दिया गया। नखासा इलाके के कसेरुआ गाँव में स्थित इस मस्जिद के पहले सामने के हिस्से और खंभों को तोड़ा गया, और फिर एक हाइड्रा मशीन की मदद से इसकी 55 फुट ऊँची मीनार को गिरा दिया गया।”

Source: India Today
इस संबंध में हमें 06 जून 2026 को पब्लिश इंडिया टुडे की भी रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉर्ट का फीचर इमेज के रूप में इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि “उत्तर प्रदेश प्रशासन ने शनिवार को संभल जिले में मुस्तफा कादरी मस्जिद को गिराने की कार्रवाई शुरू की। यह मस्जिद जमीन के मालिकाना हक को लेकर विवाद के केंद्र में है। अधिकारियों का दावा है कि इसे सरकारी जमीन पर बनाया गया है, जबकि मस्जिद समिति के सदस्यों ने कानूनी रास्ते से इस कदम को चुनौती दी है। 120 वर्ग मीटर के भूखंड पर बनी इस मस्जिद को गिराने के लिए चार बुलडोजर लगाए गए। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों की भारी तैनाती रही।”

इसके अलावा इस संबंध में हमें 06 जून 2026 की दैनिक जागरण की एक अन्य रिपोर्ट मिली। रिपोर्ट में वायरल वीडियो के स्क्रीनशॉर्ट का फीचर इमेज के रूप में इस्तेमाल किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया कि ”संभल तहसील के गांव कसेरुआ में कब्रिस्तान की सरकारी भूमि पर बनी मस्जिद मुस्तफा कादरी को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। गाटा संख्या 409 कब्रिस्तान की करीब 1200 वर्ग मीटर भूमि में से 120 वर्ग मीटर भूमि पर मस्जिद का निर्माण किया गया था। पुलिस और पीएसी के 100 से अधिक जवानों की मौजूदगी में पहले मस्जिद के अगले हिस्से और पिलर को गिराया गया। फिर 55 फीट ऊंची मीनार को हाइड्रा मशीन से गिराने की कार्रवाई की गई। मस्जिद की पहली मंजिल से आई लव मोहम्मद लिखे पोस्टर और हरे रंग का झंडा भी मिला। पोस्टर छपवाने के मामले में कार्रवाई की बात कही गई।”

Source: ABP News
वहीं दूसरे वीडियो के संबंध में हमें यूट्यूब पर एबीपी न्यूज़ की एक मीडिया रिपोर्ट मिली। 28 सितंबर 2026 को पब्लिश की गई इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो के फुटेज को देखा जा सकता है। वीडियो को केप्शन देते हुए लिखा गया कि “Ujjain Shahi Masjid Demolition : 1-1 प्रदर्शनकारी को 5-5 पुलिसवाले पीट रहे, मस्जिद को लेकर प्रदर्शन!”

Source: Youtube
वीडियो के संबंध में हमें यूट्यूब पर विंध्या फ़र्स्ट की एक अन्य मीडिया रिपोर्ट मिली। 28 सितंबर 2026 को पब्लिश की गई इस रिपोर्ट में वायरल वीडियो के फुटेज को देखा जा सकता है। वीडियो को केप्शन देते हुए लिखा गया कि “उज्जैन की शाही मस्जिद को लेकर तनाव बढ़ गया। सड़क चौड़ीकरण के लिए मस्जिद के एक हिस्से को हटाने की कार्रवाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग जुटे। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया और लाठीचार्ज की भी रिपोर्ट सामने आई। मौके पर भारी पुलिस बल और RAF तैनात है। यह कार्रवाई सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण परियोजना से जुड़ी है। मामले पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में भी सुनवाई निर्धारित थी।”

Source: Youtube
इसके अलावा हमें वीडियो के संबंध में हमें यूट्यूब पर NDTV INDIA की एक अन्य मीडिया रिपोर्ट मिली। 28 सितंबर 2026 को पब्लिश की गई इस रिपोर्ट में भी वायरल वीडियो के फुटेज को देखा जा सकता है। वीडियो को केप्शन देते हुए लिखा गया कि “Ujjain Masjid News: शाही मस्जिद विवाद में फिर बवाल, उज्जैन में भीड़ पर पुलिस का लाठीचार्ज”
अंत में हमने संभल स्थित स्थानीय अधिवक्ता शुएब वस्ती से भी बातचीत की। उन्होने वीडियो को देखकर बताया कि “वायरल वीडियो का संबंध मेरठ से नहीं बल्कि संभल के कसेरुआ स्थित मुस्तफा कादरी मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से है। वीडियो को मेरठ की घटना बताना गलत है।”
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक में वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे इस दावे की पुष्टि नहीं हुई कि मेरठ में मस्जिदों के ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस ने सात मुस्लिम युवकों की हत्या कर दी। पहला वीडियो संभल में मस्जिद मुस्तफा कादरी के ध्वस्तीकरण का है, जबकि दूसरा उज्जैन की शाही मस्जिद को लेकर हुए प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई से संबंधित है। इसलिए दोनों वीडियो को मेरठ की घटना बताकर शेयर करना भ्रामक है।
| Claim Review | क्या मेरठ में मस्जिदों के ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस ने 7 मुस्लिम युवकों की हत्या की? |
| Claim By | सोशल मीडिया यूज़र्स |
| Fact Check | भ्रामक दावा |
Sources:
- दैनिक भास्कर की रिपोर्ट।
- इंडिया टुडे की रिपोर्ट
- दैनिक जागरण की रिपोर्ट
- एबीपी न्यूज़ की रिपोर्ट
- विंध्या फ़र्स्ट की रिपोर्ट
- एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट
- अधिवक्ता शुएब वस्ती का बयान
