मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के ख़िलाफ़ जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी के साथ वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बांग्लादेशी झंडों के साथ एक रैली को गुजरते हुए देखा जा सकता है। वीडियो के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी भी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) का विरोध कर रहे है।

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सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वायरल वीडियो को शेयर वेरिफाइड यूजर द जयपुर डायलोग ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि यह बांग्लादेश नहीं है। यह मुंबई है। इससे पता चलता है कि SIR असल में कितना ज़रूरी है।

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इसके अलावा कई अन्य यूजर ने भी वायरल वीडियो को ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया है। जिसे यहां पर देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:

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वायरल वीडियो के साथ किये गए दावे की जांच के लिए DFRAC ने वीडियो के कीफ्रेम को रिवर्स सर्च किया। इस दौरान हमें वायरल वीडियो से जुड़ी न्यूज़ चैनल ABP MAJHA की एक मीडिया रिपोर्ट यूट्यूब पर मिली। 04 अक्टूबर 2026 को पोस्ट की इस रिपोर्ट को हेडिंग देते हुए मराठी में लिखा गया कि “विरार न्यूज़: MHADA इलाके में एक शूट के दौरान युवाओं ने बांग्लादेश का झंडा लहराया”

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वहीं केप्शन में आगे लिखा मिला – “विरार न्यूज़: विरार के MHADA इलाके से एक घटना सामने आई है। यहाँ एक फ़िल्म की शूटिंग के लिए सड़क की एक लेन को बंद किया गया था, और इसी दौरान कुछ युवाओं को बांग्लादेश का झंडा लहराते और टी-शर्ट पहने देखा गया। स्थानीय लोगों ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की। हालाँकि पुलिस का कहना है कि शूटिंग की इजाज़त दी गई थी, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि क्या किसी दूसरे देश का झंडा इस्तेमाल करने की भी खास इजाज़त ली गई थी। ख़बर है कि घटना का पता चलने पर विरार और नालासोपारा के कुछ युवा उस जगह पहुँचे, विरोध किया और झंडा जला दिया।”

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वहीं इस संबंध में हमें फेसबुक पर एक अन्य वीडियो मिला। फेसबुक पर 03 अक्तूबर 2026 को यूजर In24news द्वारा पोस्ट की गई इस मीडिया रिपोर्ट को केप्शन देते हुए लिखा कि “Virar Viral Video: शूटिंग के दौरान लहराया बांग्लादेश का झंडा, विरोध के बाद मचा बवाल | in24news #VirarNews #ViralVideo #BangladeshFlag #MumbaiNews मुंबई से सटे पालघर जिले के विरार में एक शूटिंग के दौरान बांग्लादेश का झंडा लहराए जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसके बाद स्थानीय युवाओं और कुछ संगठनों ने इस पर कड़ा विरोध जताया है”
इसके अलावा, DFRAC ने वीडियो के संबंध में मुंबई स्थित सामाजिक कार्यकर्ता और धरना-प्रदर्शन समिति के सदस्य फिरोज मीठीबोरवाला से भी बातचीत की। उन्होंने बताया कि “वायरल वीडियो एक बाइक कंपनी के कमर्शियल ऐड शूट का है। उन्होंने यह भी कहा कि वीडियो का मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध-प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है।”
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक से साबित होता है कि वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा भ्रामक है। वीडियो मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों द्वारा SIR के विरोध-प्रदर्शन का नहीं, बल्कि विरार में हुए एक शूट का है। वीडियो को गलत संदर्भ के साथ शेयर कर इसे SIR विरोध-प्रदर्शन से जोड़ने का दावा किया जा रहा है।
| Claim Review | मुंबई में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी भी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न’ (SIR) का विरोध कर रहे है।। |
| Claim By | सोशल मीडिया यूजर्स |
| Fact check | भ्रामक दावा |
Sources:
- यूट्यूब पर 04 अक्तूबर 2026 को न्यूज़ चैनल ABP MAJHA द्वारा पोस्ट की गई मीडिया रिपोर्ट।
- फेसबुक पर 03 अक्तूबर 2026 को यूजर In24news द्वारा पोस्ट की गई मीडिया रिपोर्ट ।
- मुंबई स्थित सामाजिक कार्यकर्ता और धरना-प्रदर्शन समिति के सदस्य फिरोज मीठीबोरवाला का बयान।
