उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में अब कुछ ही महीनों का वक्त बचा है। इस बीच राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है। पहले समाजवादी पार्टी के यूपी प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने राष्ट्रीय लोक दल (आरएलडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी पर बयान दिया था। जिसके बाद जयंत चौधरी की तरफ से भी सपा पर प्रहार किया गया। इस बीच सोशल मीडिया पर जयंत चौधरी का एक बयान वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें जाट समुदाय पर टिप्पणी करते देखा जा सकता है।
नवभारत टाइम्स (NBT) के कथित पोस्टकार्ड पर जयंत चौधरी का बयान है, ‘मैने क्या ठेका लिया है जाट समाज का जो 700 जाट किसान मरे।’ इस इंफोग्राफिक को शेयर करते हुए V N Yadav नामक यूजर ने लिखा, ‘चौधरी जयंत सिंह अब अच्छी तरह सत्ता सुख में रम गये है।लगता है ये मान गये है कि जीतना तो ईवीएम से ही है जनता से नही ।’

वहीं Shobhnath Rao नामक यूजर ने NBT का वायरल पोस्टकार्ड शेयर करते हुए लिखा, ‘पूर्व ex प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के पोते जयंत चौधरी जी ऐसा बयान दें सकतें है? अगर दिए होंगे तो निश्चित Rss के उस काने पर दें सकतें हैं??’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि वायरल दावा भ्रामक है और जयंत चौधरी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। जांच में हमने यह भी पाया कि NBT ने भी जयंत चौधरी का ऐसा कोई पोस्टकार्ड पब्लिश नहीं किया है। वहीं, DFRAC से बात करते हुए आरएलडी प्रवक्ता अनिल दुबे ने वायरल दावे को भ्रामक करार दिया है।
हमारी टीम ने सबसे पहले वायरल पोस्टकार्ड को गौर से देखा। चूंकि वायरल पोस्टकार्ड पर नवभारत टाइम्स (NBT) का लोगो लगा है, जिसके बाद हमने NBT के सोशल मीडिया हैंडल्स को देखा। हमने पाया कि हाल-फिलहाल में NBT द्वारा जयंत चौधरी के कई पोस्टकार्ड पब्लिश किए गए हैं, लेकिन उसने वायरल पोस्टकार्ड नहीं है। हमने पाया कि ओरिजिनल पोस्टकार्ड में जयंत चौधरी का बयान है, ‘अब शांत रहने का वक्त नहीं है। कुछ बातें बर्दाश्त के बाहर होती हैं। चुनाव में चौधरी चरण सिंह का समाज ही इसका जवाब देगा। इसके लिए अकेले जयंत चौधरी को जवाब देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।’
आगे की जांच के लिए हमने जयंत चौधरी के वायरल बयान के संदर्भ में गूगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया। हमें जयंत चौधरी का हाल-फिलहाल का ऐसा कोई बयान नहीं मिला, जिसमें 700 जाट किसानों के मरने का जिक्र किया गया हो। हालांकि हमें जयंत चौधरी के 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान दिए बयान की मीडिया कवरेज मिली, जिसमें उन्होंने ‘जाटों की ठेकेदारी’ पर टिप्पणी की थी। न्यूज-18 हिन्दी की प्रकाशित रिपोर्ट का शीर्षक है, ‘जयंत चौधरी का विवादित बयान, कहा- मैं किसानों की बात करता हूं, जाटों का ठेका नहीं लिया’। इस रिपोर्ट में बताया गया है, ‘आरएलडी के उपाध्यक्ष जयंत चौधरी का विवादित बयान सामने आया है. इसी कड़ी में शामली में जनसभा को संबोधित करते हुए जयंत चौधरी ने कहा मैं किसानों की बात करता हूं, मैंने जाटों का ठेका नहीं लिया है. उन्होंने कहा कि जयंत चौधरी सिर्फ किसानों की बात करते हैं और किसानों के साथ छोटे तबके के लोग जुड़े हुए हैं।’ गौरतलब है कि वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों में सपा-बसपा-आरएलडी का गठबंधन था।

वहीं, इस मामले और ज्यादा जानकारी के लिए हमारी टीम ने आरएलडी के प्रवक्ता अनिल दुबे से संपर्क किया। उन्होंने वायरल दावे का खंडन करते हुए बताया कि जयंत चौधरी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और वायरल दावा भ्रामक है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया दावा भ्रामक है। जयंत चौधरी ने ‘700 जाट किसान मरे’ वाला वायरल बयान नहीं दिया है। वहीं हमने जांच में यह भी पाया कि NBT ने भी जयंत चौधरी का वायरल पोस्टकार्ड पब्लिश नहीं किया गया है। NBT के पोस्टकार्ड को एडिट करके उसमें जयंत का झूठा बयान लिखा गया है।
| Claim Review | Jayant Chaudhary’s controversial statement on the Jat community. |
| Claimed By | Social Media Users |
| Fact Check | Misleading |
Our Sources:
- X Post of NBT, on August 31st, 2026
- News Coverage of News18Hindi, Publish on March 31st, 2019
- RLD Spokesperson Anil Dubey statement to DFRAC
