अमेरिका-ईरान युद्ध से उपजे हालातों के बीच सोशल मीडिया पर एक दावा तेजी के साथ वायरल हो रहा है। जिसमें कहा जा रहा है कि ईंधन की कमी के कारण एयर इंडिया ने जुलाई तक अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं।

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सोशल साईट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर जीबीएक्स ने लिखा कि अभी-अभी: ईंधन की कमी के कारण एयर इंडिया ने जुलाई तक अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं।

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वही एक अन्य यूजर ब्रूस ने भी ऐसा ही दावा करते हुए X (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि बड़ी खबर! ईंधन की कमी के चलते एयर इंडिया ने जुलाई तक अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। वे इतने बेवकूफ़ हैं कि उन्हें यह भी एहसास नहीं है कि असली ऊर्जा संकट तो जुलाई में ही शुरू होगा।

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इसके अलावा कई अन्य यूजर ने भी ऐसा ही मिलता-जुलता दावा किया है। जिसे यहां पर देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:
वायरल दावे की जांच के लिए DFRAC ने दावे से जुड़े कुछ कीवर्ड्स गूगल पर सर्च किये। इस दौरान हमें ऐसी कोई न्यूज़ नहीं मिली, जिससे ये साबित होता हो कि एयर इंडिया ने जुलाई तक अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हों।

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हालांकि इसके विपरीत हमें इस सबंध में 01 मई 2026 को पब्लिश हुई एनडीटीवी की एक रिपोर्ट मिली। जिसमें बताया गया कि कंपनी ने केवल कुछ अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर उड़ानों की संख्या कम करने (schedule reduction) या कुछ सेवाओं को अस्थायी रूप से घटाने का निर्णय लिया है। एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन के अनुसार, बढ़ती जेट ईंधन कीमतों और पश्चिम एशिया में हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों के कारण कई लंबी दूरी की उड़ानों की लागत काफी बढ़ गई है। इसी वजह से जून और जुलाई तक कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में कटौती की गई है।

वहीं मनीकंट्रोल की एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया कि स्टाफ़ को दिए एक संदेश में, विल्सन ने कहा कि एयरलाइन ने अप्रैल और मई में कुछ इंटरनेशनल सेवाओं में पहले ही कटौती कर दी थी और अब उसे इन कटौतियों को और आगे बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “हमने अप्रैल और मई के लिए कुछ उड़ानें कम कर दी हैं… जेट फ़्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, साथ ही एयरस्पेस बंद होने और उड़ानों के लंबे रूट होने की वजह से, हमारी कई इंटरनेशनल उड़ानें चलाना अब फ़ायदेमंद नहीं रह गया है।” उन्होंने आगे कहा कि हालात “बेहद मुश्किल” बने हुए हैं, जिसकी वजह से एयरलाइन के पास “और ज़्यादा कटौती करने के अलावा कोई चारा नहीं बचा है…”

इसके अलावा टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में इस सबंध में पब्लिश हुआ कि एयर इंडिया के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर कैंपबेल विल्सन ने कर्मचारियों को बताया कि कंपनी ने अप्रैल और मई में ही कुछ विदेशी ऑपरेशन कम कर दिए थे, लेकिन हालात और बिगड़ने की वजह से अब जून और जुलाई में भी और कटौती करनी पड़ेगी। विल्सन ने कर्मचारियों को दिए अपने संदेश में कहा, “हमने अप्रैल और मई के लिए कुछ उड़ानें कम कर दी हैं… जेट ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, साथ ही हवाई क्षेत्र के बंद होने और उड़ानों के लंबे रूट की वजह से हमारी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें चलाना अब फायदे का सौदा नहीं रहा।”
इसके अतिरिक्त, वायरल दावे की पुष्टि के लिए हमने Air India की हेल्पलाइन पर संपर्क किया। इस दौरान एयर इंडिया की कस्टमर सपोर्ट एक्जीक्यूटिव सलमा ने बताया कि कंपनी की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एयर इंडिया की ओर से घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर किसी प्रकार के पूर्ण प्रतिबंध या सभी उड़ानों को रद्द किए जाने संबंधी कोई आधिकारिक अपडेट जारी नहीं किया गया है।
निष्कर्ष:
DFRAC के फैक्ट चेक से स्पष्ट है कि वायरल दावा भ्रामक है। क्योंकि एयर इंडिया ने जुलाई तक अपनी सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द नहीं की हैं। केवल बढ़ती ईंधन लागत और हवाई मार्ग प्रतिबंधों के कारण कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में अस्थायी कटौती की गई है।

