सोशल मीडिया पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान का एक पोस्टकार्ड शेयर किया गया है। जिस पर टेक्स्ट लिखा है, ‘अखिलेश यादव का बड़ा बयान… अगर बसपा गठबंधन में शामिल होती है तो हम भाजपा के साथ जाना पसंद करेंगे- अखिलेश यादव, अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी।’ वहीं, टिकर पर टेक्स्ट लिखा है, ‘खास बात- अखिलेश यादव ने एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में यह बयान दिया’
इस पोस्टकार्ड को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘इतनी नफ़रत तो वर्तमान में #स्वर्णों को भी #दलित समाज से नहीं होगी जितनी #यादव नेता अखिलेश को है’

वहीं इस पोस्टकार्ड को एक्स पर शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘मेरे हिसाब से अब बहन जी को ईवीएम बैन करवाने के लिए चुनाव आयोग का घेराव करना चाहिए 9 अक्टूबर की रैली से ज्यादा जनसमूह बहनजी के साथ खड़ा होगा और बहनजी को किसी से गठबंधन करने की जरुरत नहीं पड़ेगी ! जय भीम जय संविधान जय बसपा’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि अखिलेश यादव ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है और उनका फेक बयान सोशल मीडिया पर शेयर किया गया है। हमारी टीम ने जांच के दौरान पाया कि वायरल पोस्टकार्ड पर ‘न्यूज-18 इंडिया’ का लोगो लगा है। जिसके बाद हमारी टीम ने सबसे इस खबर के बारे में ‘न्यूज-18 इंडिया’ के वेबसाइट hindi.news18.com पर सर्च किया, लेकिन हमें हाल-फिलहाल की कोई ऐसी खबर नहीं मिली, जिसमें अखिलेश यादव का वायरल बयान प्रकाशित किया गया हो।

इसके बाद आगे की जांच के लिए हमने न्यूज-18 इंडिया के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को देखा। हमें यहां भी अखिलेश यादव के वायरल बयान की कोई खबर नहीं मिली। इसके बाद हमने गूगल पर ‘बीएसपी से गठबंधन पर बोले अखिलेश’ सर्च किया, लेकिन हमें कोई ऐसी कोई खबर नहीं मिली, जिसमें अखिलेश यादव ने बीएसपी का गठबंधन में शामिल होने पर भाजपा के साथ जाने की बात कही हो।

वहीं, जांच के दौरान हमें समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मोहम्मद आजम का एक ट्वीट मिला, जिसमें उन्होंने वायरल पोस्टकार्ड को फेक करार दिया है। उन्होंने लिखा है, ‘सत्ताधारी दल की ‘टीमें’ फर्जी ख़बरें फैलाने में लग गई हैं। प्रदेश में बढ़ती PDA की ताक़त और लोकप्रियता ने इन टीमों की बेचैनी बढ़ा दी हैं। अब फर्जी ख़बरें फैलाई जा रही हैं। माननीय @yadavakhilesh जी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है, यह पूरी तरह से फर्जी और PDA को बदनाम करने के लिए किया गया कृत्य है।’
वहीं हमारी टीम ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजकुमार भाटी से संपर्क किया। उन्होंने इसका खंडन करते हुए कहा कि अखिलेश यादव ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव का फेक बयान शेयर किया गया है। उन्होंने बीएसपी के गठबंधन में शामिल होने पर बीजेपी के साथ जाने का बयान नहीं दिया है। इसलिए यूजर्स का दावा फेक है।

