attack on Israeli nuclear power plant

फैक्ट चेकः यूक्रेन में 2017 में विस्फोट का वीडियो इजरायली परमाणु प्लांट पर हमले का बताकर वायरल

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ईरानी बैलिस्टिक मिलाइल हमलों में एक इजरायली परमाणु पावर प्लांट तबाह हो गया है और प्लांट से रेडियोएक्टिव पदार्थों का रिसाव हो रहा है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि धुएं के उठते भीषण गुबार के बीच धमाके हो रहे हैं।

इस वीडियो को शेयर करते हुए एक यूजर ने लिखा, ‘ब्रेकिंग: इज़राइल के न्यूक्लियर रिएक्टर पावर प्लांट को कई ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने तबाह कर दिया है, जिससे रेडियोएक्टिव मटीरियल लीक हो गया है।’

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एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘ब्रेकिंग: ईरान की मिसाइलों से इज़राइल के न्यूक्लियर पावर प्लांट तबाह हो गए। इज़राइल के रिएक्टर और न्यूक्लियर प्लांट पर फतह और खैबर मिसाइलों से हमला किया गया। आज, रविवार, 1 मार्च, 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, जवाबी हमलों के निशाने पर डिमोना न्यूक्लियर प्लांट (नेगेव न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर) तबाह हो गया है। मिलिट्री और न्यूक्लियर एक्सपर्ट्स ने चेतावनी दी है कि प्लांट पर हाइपरसोनिक मिसाइलों के सीधे हमले से रेडियोएक्टिव मटीरियल लीक हो सकता है और इलाके में बड़े पैमाने पर पर्यावरण को नुकसान हो सकता है।’

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इसके अलावा अन्य यूजर्स द्वारा भी इस वीडियो को ऐसे ही दावे के साथ शेयर किया जा रहा है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि वायरल वीडियो इजरायल में परमाणु पावर प्लांट पर हमले का नहीं है, बल्कि यह यूक्रेन में 2017 में हथियारों के भंडार में हुए विस्फोट का है। यह वीडियो हमें एक यूट्यूब चैनल पर 26 मार्च 2017 को पोस्ट मिला। इस वीडियो के साथ जानकारी दी गई है, ‘खार्किव इलाके में यूक्रेन की नेशनल पुलिस ने बताया है कि बालाक्लिया के पास रक्षा मंत्रालय के आर्टिलरी वेयरहाउस में हुए धमाकों में दो लोग घायल हो गए हैं।’

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वहीं आगे की जांच में हमें इस वीडियो के साथ कई मीडिया रिपोर्ट्स भी मिलीं, इन मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यूक्रेन के सैन्य अधिकारियों के मुताबिक यह हादसा 23 मार्च 2017 को पूर्वी यूक्रेनी शहर बालाक्लिया में हुआ और यह कथित तौर पर तोड़फोड़ की घटना में लगी आग का नतीजा था। यूक्रेनी अधिकारियों ने इस घटना को पास में मौजूद रूसी समर्थित अलगाववादियों से जोड़ा था।

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निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो इजरायली परमाणु पावर प्लांट पर ईरानी मिसाइल हमले का नहीं है। यह वीडियो यूक्रेन में हथियारों के भंडार में हुए विस्फोट का 2017 की घटना का वीडियो है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।