Mahatma Gandhi statue vandalized

फैक्ट चेकः पश्चिम बंगाल में महात्मा गांधी की खंडित प्रतिमा की तस्वीर बांग्लादेश का बताकर वायरल

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर महात्मा गांधी की एक खंडित प्रतिमा की तस्वीर बांग्लादेश की घटना का बताकर शेयर की जा रही है। वायरल तस्वीर में देखा जा सकता है कि गांधी प्रतिमा से अलग किया गया सिर पास मे ही रखा गया है। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों में काफी नाराजगी देखने को मिल रही है।

इस तस्वीर को शेयर कर Janardan Mishra नामक यूजर ने लिखा, ‘बांग्लादेश में आपका स्वागत है बापू… बापू ने 55 करोड़ रुपये देने के लिए भूख हड़ताल किए। उन्होंने हिंदुओं से पूर्ण अहिंसा की मांग की और मुसलमानों को अपने धर्म की रक्षा के अधिकारों का समर्थन किया, आज बांग्लादेशियों ने STSJ (सर तन से जुदा) करके गांधी जी के प्रति अपना सम्मान दिखाया।” बधाई हो बापू बिना सिर के गांधीगिरी जिंदाबाद ! पुनश्च: हमें बांग्लादेशियों की सराहना करनी चाहिए। उन्होंने STSJ सिर को मूर्ति के बगल में रखा। उन्होंने इसे फेंका नहीं या इसके साथ फुटबॉल नहीं खेला। कितने दयालु है !’

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इसके अलावा कई अन्य यूजर्स द्वारा भी इस तस्वीर को बांग्लादेश की घटना का बताकर शेयर किया गया है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने वायरल तस्वीर की जांच में पाया कि महात्मा गांधी की प्रतिमा को खंडित किए जाने की यह घटना बांग्लादेश की नहीं है, बल्कि पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर जिले के चाकुलिया की घटना है, जहां SIR को लेकर एक प्रदर्शन के दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा खंडित कर दी गई थी। हमें महात्मा गांधी की खंडित प्रतिमा की कवरेज Ktv বাংলা के यूट्यूब चैनल पर मिली। जिसके साथ बंगाली भाषा में जानकारी दी गई है, ‘चाकुलिया न्यूज़: सुनवाई को लेकर परेशान करने का आरोप! BDO ऑफिस में तोड़फोड़ और आगजनी’

इसके बाद हमारी टीम ने इस घटना के बारे में गुगल पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया। हमें इस घटना के बारे में एबीपी आनंदा की एक रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में बताया गया है, ‘उत्तरी दिनाजपुर के चाकुलिया स्थित बीडीओ कार्यालय में हिंसा भड़क उठी। दिनभर कार्यालय में आगजनी होती रही। पुलिस वाहन पर पत्थरबाजी की गई। चाकुलिया पुलिस स्टेशन के आईसी राजू सोनार समेत छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, चाकुलिया में पहली सुनवाई के बाद भी चुनाव आयोग ने कई अनियमितताओं के आरोपों पर सुनवाई के लिए अकेले चाकुलिया ब्लॉक से कम से कम 69,000 मतदाताओं को तलब किया। गुरुवार को आयोग के इस कदम के विरोध में आक्रोश फैल गया और चाकुलिया के कई इलाकों में प्रदर्शन हुए।’ (हिन्दी अनुवाद)

वहीं हमें, पूर्व राज्यसभा सांसद और बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य Swapan Dasgupta का महात्मा गांधी की खंडित प्रतिमा की वायरल तस्वीर के साथ एक पोस्ट मिला, जिसमें उन्होंने इस घटना को पश्चिम बंगाल का बताते हुए इस घटना की आलोचना की है।

आगे की जांच के लिए हमारी टीम ने Ktv বাংলা के कार्यालय से संपर्क किया। उन्होंने हमें बताया कि यह वीडियो बांग्लादेश का नहीं है। यह उत्तरी दिनाजपुर के चाकुलिया में हुई घटना का है। यह घटना SIR प्रक्रिया में जांच के लिए नोटिस देकर बुलाए जाने के बाद गुस्साए लोगों ने किया है, जब भीड़ द्वारा बीडीओ कार्यालय में तोड़-फोड़ और आगजनी की गई थी।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर वायरल महात्मा गांधी की खंडित प्रतिमा की तस्वीर बांग्लादेश की नहीं है। यह घटना पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर के चाकुलिया में हुई है। इसलिए यूजर्स का दावा भ्रामक है।