मणिपुर में BSF जवान के घर में सोते दो नन्हे बच्चों की रॉकेट हमले में मौत के बाद राज्य में एक बार फिर से हिंसा भड़क उठी है। इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसके हवाले से दावा किया जा रहे है कि मणिपुर में भारतीय सेना ने लोगों को राज्य में प्रवेश करने से रोकने के लिए गोलीबारी की, जिसमें महिलाओं और बच्चों सहित कई लोगों की मौत हो गई।

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सोशल साइट X (पूर्व ट्विटर) पर वेरिफाइड यूजर वर्ल्ड मॉनिटरिंग सेंटर ने वायरल वीडियो को शेयर कर लिखा कि मणिपुर में इंडियन आर्मी का नरसंहार! इंडियन आर्मी ने मणिपुरी लोगों पर फायरिंग शुरू कर दी, जो उन्हें मणिपुर में घुसने से रोकने की कोशिश कर रहे थे। बड़े पैमाने पर मौतें और नरसंहार हुआ है, जिसमें महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों लोग मारे गए हैं।

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वहीं कई अन्य यूजर ने भी वायरल वीडियो को शेयर कर ऐसा ही मिलता-जुलता दावा किया है। जिसे यहां पर क्लिक कर देखा जा सकता है।
फैक्ट चेक:

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वायरल वीडियो की सत्यता की जांच के लिए इसे कीफ्रेम में बदलकर रिवर्स इमेज सर्च किया गया। जांच के दौरान यही वीडियो हिंदुस्तान टाईम्स की मीडिया रिपोर्ट में पाया गया, जिसमें बताया गया कि यह घटना मणिपुर के मोइरांग क्षेत्र की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, रॉकेट हमले में दो बच्चों की मौत के विरोध में भीड़ ने हिंसक प्रदर्शन किया और एक सीआरपीएफ कैंप की ओर बढ़ने की कोशिश की। स्थिति बिगड़ने पर सुरक्षा बलों और भीड़ के बीच झड़प हुई, जिसमें गोलीबारी भी हुई।

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इसके साथ ही हमें घटना से संबंधित Deccan Herald, The Indian Exspress, और NDTV India की एक रिपोर्ट भी प्राप्त हुई। इस रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को मणिपुर के घाटी क्षेत्रों में उस समय पुनः अशांति फैल गई, जब एक बीएसएफ जवान के घर पर हुए बम हमले में सोते समय उसके दो बच्चों की मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद व्यापक विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठे। इन झड़पों के दौरान दो अन्य लोगों की भी मौत हो गई, जबकि पाँच लोग घायल हुए।

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महत्वपूर्ण रूप से, Manipur Police ने भी वायरल वीडियो के साथ किए जा रहे दावों का खंडन किया है। पुलिस के अनुसार, बिष्णुपुर ज़िले में सुरक्षा बलों की एक चौकी पर लगभग 400 लोगों की हिंसक भीड़ ने हमला किया था। इस दौरान भीड़ द्वारा वाहनों में आगजनी और बैरकों में तोड़फोड़ की गई, जिसके बाद हालात को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों को गोली चलानी पड़ी। इस कार्रवाई में दो लोगों की मृत्यु हुई, जबकि लगभग 20 लोग घायल हो गए। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा “नरसंहार” का दावा झूठा और भ्रामक है। साथ ही, ऐसी अफवाहें फैलाने वालों के विरुद्ध विधि अनुसार सख्त कार्रवाई किए जाने की चेतावनी भी दी गई है।
निष्कर्ष
वायरल वीडियो के साथ किया गया दावा कि भारतीय सेना ने मणिपुर में महिलाओं और बच्चों का नरसंहार किया, पूरी तरह गलत और भ्रामक है। असल में, यह घटना हिंसक भीड़ और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़प से संबंधित है, न कि किसी योजनाबद्ध नरसंहार से।

