सोशल मीडिया पर देश में कई जगहों पर पेट्रोल पंप पर तेल के लिए लाइन लगने के वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। इस बीच यह दावा भी किया जा रहा है कि भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि देश के पास अब सिर्फ 2 दिन का ही पेट्रोल का स्टॉक बचा हुआ है।
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर Anushi Tiwari (Proud Indian) नामक एक यूजर ने अंग्रेजी भाषा में पोस्ट शेयर किया है, जिसका हिन्दी अनुवाद है, ‘ब्रेकिंग न्यूज़.. 🚨भारत के पेट्रोलियम मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि #India में अब केवल 2 दिन का पेट्रोल बचा है, जबकि तेल की खेप आने में 8 दिन तक का समय लग सकता है। 🚨मोदी की नाकाम सरकार ने 1.5 अरब लोगों की ज़िंदगी मुश्किल में डाल दी है। #Iran #Israel’

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने वायरल दावे की जांच में इसे फेक पाया है। भारत के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर यह घोषणा नहीं की है कि देश के पास अब सिर्फ 2 दिन का ही पेट्रोल का स्टॉक बचा हुआ है। अलबत्ता मंत्रालय ने यह स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई किल्लत नहीं है। जांच के दौरान हमें भारत सरकार के पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की आज यानी 26 मार्च की एक प्रेस रिलीज मिली।
इस प्रेस रिलीज में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के हवाले से बताया गया है, ‘पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी खुदरा ईंधन दुकानों में पर्याप्त आपूर्ति है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानबूझकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं के सुनियोजित अभियान से गुमराह न हों, इसका उद्देश्य अनावश्यक दहशत फैलाना है।’

इस प्रेस रिलीज में पेट्रोलियम की मौजूदा स्थितियों की जानकारी देते हुए बताया गया है, ‘वैश्विक स्तर पर चाहे जो भी हो, प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए लगभग दो महीने की स्थिर आपूर्ति उपलब्ध है। अगले दो महीनों के कच्चे तेल की खरीद भी सुनिश्चित कर ली गई है। भारत अगले कई महीनों के लिए पूरी तरह से सुरक्षित है और ऐसी आपूर्ति स्थिति में रणनीतिक भूमिगत गुफाओं में भंडार की मात्रा गौण हो जाती है। इसलिए, भारत के भंडार के समाप्त या अपर्याप्त होने के किसी भी दावे को पूरी तरह से खारिज किया जाता है।’

वहीं घरेलू गैस एलपीजी के सिलसिले में जानकारी दी गई है, ‘घरेलू उत्पादन के अतिरिक्त, अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से 800 टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से ही सुरक्षित हैं और भारत के 22 एलपीजी आयात टर्मिनलों पर पहुंच रहे हैं – जो 2014 में मौजूद 11 टर्मिनलों की तुलना में दोगुने हैं। लगभग एक महीने की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था हो चुकी है और अतिरिक्त खरीद को लगातार अंतिम रूप दिया जा रहा है।‘ वहीं हमें पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के बारे में नवभारत टाइम्स, एबीपी न्यूज सहित कई अन्य मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं, जिसमें सरकार द्वारा जानकारी दी गई है कि देश में पेट्रोलियम की कोई कमी नहीं है।

निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर किया गया दावा फेक है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने नहीं कहा कि देश में सिर्फ 2 दिन का पेट्रोल बचा है। आधिकारिक बयान के मुताबिक देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है।

