Khamenei Protest Lucknow

फैक्ट चेकः खामेनेई के लिए लखनऊ में हुए प्रदर्शन पर पुलिस ने लाठीचार्ज नहीं किया, वायरल वीडियो बरेली का है

Fact Check hi Featured Misleading

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की अमेरिका-इजरायल के हमलों में 28 फरवरी को मौत हो गई थी। जिसके बाद भारत के कई राज्यों में लोगों ने खामेनेई के लिए सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया था। यूपी की राजधानी लखनऊ में भी प्रदर्शन हुए। इस बीच सोशल मीडिया पर पुलिस लाठीचार्ज का एक वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि लखनऊ में खामेनेई के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया।

फेसबुक पर एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘बहुत गलत हुआ…😱 जूता चप्पल छूट गया लखनऊ के बाजार में पि*वाड़ा भी तुड़वाया ख़ामेनई तेरे प्यार में

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यह वीडियो फेसबुक पर जमकर शेयर किया जा रहा है। कई यूजर्स ने वायरल वीडियो को खामेनेई के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस लाठीचार्ज का बताकर शेयर किया है, जिसे यहां, यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने वायरल वीडियो की जांच में पाया कि यह लखनऊ में अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर हुए प्रदर्शन पर पुलिस लाठीचार्ज का वीडियो नहीं है। यह वीडियो सितंबर 2025 में उत्तर प्रदेश के बरेली में ‘आई लव मुहम्मद’ मामले पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस लाठीचार्ज का है। जांच के दौरान हमें यह वीडियो एक इंस्टाग्राम अकाउंट पर 26 सितंबर 2025 को पोस्ट मिला। इस पोस्ट के साथ जानकारी दी गई है कि यह वीडियो बरेली का है।

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इसके बाद हमने बरेली में पुलिस लाठीचार्ज के बारे में गूगग पर कुछ कीवर्ड्स सर्च किया। हमें 26 सितंबर 2025 की एबीपी न्यूज और हिन्दुस्तान सहित मीडिया रिपोर्ट्स मिलीं। एबीपी न्यूज की रिपोर्ट में बताया गया है, ‘उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज के बाद हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव किए जाने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जुमे की नमाज़ के बाद, लोगों ने “आई लव मुहम्मद” के बैनर लेकर और “अल्लाहु अकबर” जैसे नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया. जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की और स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई, तो उन्होंने व्यवस्था बहाल करने के लिए लाठीचार्ज किया।’

आगे की जांच के लिए हमने लखनऊ में प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की जांच की। हमें यूपी पुलिस के फैक्ट चेक यूनिट का एक पोस्ट मिला। पुलिस ने पोस्ट में बताया कि वायरल वीडियो लखनऊ का नहीं, बल्कि बरेली में 26 सितंबर 2025 को हुए लाठीचार्ज का है। पुलिस ने पोस्ट में लिखा है, ‘यह वीडियो दिनांक 26.09.2025 जनपद बरेली से सम्बंधित है। इस वीडियो को भ्रामक रूप से लखनऊ में ईरानी नेता खामेनेई की मृत्यु पर हुए विरोध प्रदर्शन का बताया जा रहा है — यह दावा पूर्णतः असत्य एवं भ्रामक है। @Uppolice इस भ्रामक वीडियो का खंडन करती है।’

हमारी टीम ने इस वीडियो के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए लखनऊ के पत्रकार अबू अशरफ जीशान से संपर्क किया। जीशान ने वीडियो को देखने के बाद बताया कि लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान इस प्रकार की कोई घटना नहीं हुई थी, जैसा वीडियो में दिखाया गया है।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया गया वीडियो बरेली में सितंबर 2025 में पुलिस लाठीचार्ज का है, जिसे लखनऊ में खामेनेई के लिए प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज का बताकर भ्रामक दावा किया गया है।