attack on Ravish Kumar

फैक्ट चेकः AI-जनरेटेड फोटो के साथ रवीश कुमार पर हमले का फेक दावा किया गया

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वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही है, जिसमें रवीश को लहुलूहान हालत में देखा जा सकता है। उनके चेहरे और होंठ पर चोट के निशान भी साफ देखे जा सकते हैं। यूजर्स इस तस्वीर के साथ दावा कर रहे हैं कि रवीश कुमार पर उनकी ही हाउसिंग सोसाइटी के लोगों ने हमला कर दिया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए हैं।

इस तस्वीर को शेयर कर अरुण कुमार कोसली नामक यूजर ने लिखा, ‘बिग ब्रेकिंग Ndtv के पत्तलचाट स्वघोषित पत्रकार “रविश बीमार” क़ो उसकी हाउसिंग सोसाइटी के लोगों ने कू..ट कू…टकर अधम….रा कर दिया है’

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इसके अलावा इस तस्वीर को रवीश कुमार पर हमले का बताकर कई अन्य यूजर्स द्वारा भी शेयर किया जा रहा है, जिसे यहां, यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि कि Ravish Kumar पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही उनकी तस्वीर असली नहीं, बल्कि AI-जनरेटेड है। हमारी टीम ने जब इस वायरल तस्वीर का बारीकी से विश्लेषण किया तो पाया कि उस पर Google Gemini का लोगो दिखाई दे रहा है। यह लोगो स्पष्ट संकेत देता है कि तस्वीर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की मदद से बनाई गई है, न कि किसी वास्तविक घटना की फोटो है। गूगल जेमिनी (Google Gemini) गूगल द्वारा विकसित सबसे उन्नत और शक्तिशाली AI (Artificial Intelligence) है। यह केवल एक चैटबॉट नहीं है, बल्कि एक ऐसा “स्मार्ट असिस्टेंट” है जो टेक्स्ट, इमेज, ऑडियो, वीडियो और प्रोग्रामिंग कोड को एक साथ समझ सकता है और उन पर काम कर सकता है।

इसके अलावा, आगे की जांच के लिए हमने इस तस्वीर की AI-डिटेक्टर टूल हाइव मॉडरेशन पर जांच की। हमारी जांच में परिणाम सामने आया कि इस तस्वीर को AI-द्वारा बनाया गया है।

हमने इस तस्वीर के बारे में और ज्यादा जानकारी के लिए वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार से संपर्क किया। रवीश कुमार ने हमें बताया कि यह पूरी तरह से गलत है और 100 फीसदी फेक है। रवीश कुमार के इस स्पष्टीकरण के बाद साफ हो जाता है कि सोशल मीडिया पर उनके बारे में झूठा और फेक दावा किया जा रहा है।

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि रवीश कुमार पर उनकी हाउसिंग सोसाइटी में कोई हमला नहीं हुआ है। उनकी घायल अवस्था में वायरल तस्वीर भी AI-जनरेटेड है। इसलिए सोशल मीडिया यूजर्स का दावा फेक है।