भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दो दिवसीय इसरायल दौरे पर हैं। पहले दिन पीएम मोदी ने यरूशलम में इसरायली संसद नेसेट को संबोधित किया। इस बीच सोशल मीडिया पर पीएम मोदी के संबोधन का एक वीडियो पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स द्वारा शेयर किया जा रहा है, जिसमें पीएम मोदी को कथित तौर पर अफगानिस्तान के री-डेवलपमेंट के लिए विशेष एड पैकेज की घोषणा करते हुए और भारत-इजरायल द्वारा अफगानिस्तान की सुरक्षा के लिए बयान देते हुए देखा जा सकता है।
इस वीडियो को शेयर करते हुए एक पाकिस्तानी यूजर ने लिखा, ‘अफ़गानिस्तान तालिबान ने “मुस्लिम दुनिया” को धोखा दिया। भारतीय PM मोदी और इज़राइल PM नेतन्याहू ने इज़राइली संसद में एक जॉइंट भाषण के दौरान अफ़गान तालिबान सरकार के लिए पूरे सपोर्ट और एक स्पेशल एड पैकेज का ऐलान किया। तालिबान ऑफिशियली इज़राइल और भारत के साथ नए अलायंस में शामिल हो गया।’ (हिन्दी अनुवाद)

वहीं, एक अन्य पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट ने लिखा, ‘ब्रेकिंग न्यूज़: प्रधानमंत्री मोदी ने इज़राइली नेसेट को संबोधित करते हुए कहा, “मुझे यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि भारत और इज़राइल के बीच 8.6 बिलियन डॉलर के मिलिट्री एग्रीमेंट के अलावा, हमारे पास अफ़गानिस्तान के रीडेवलपमेंट के लिए एक स्पेशल एड पैकेज होगा। उनकी परेशानियां खत्म होनी चाहिए। भारत और इज़राइल यह पक्का करेंगे कि अफ़गानिस्तान को वह सिक्योरिटी मिले जिसकी उसे अपने पड़ोस में टेररिस्ट हब से खुद को सुरक्षित रखने के लिए ज़रूरत है।’ (हिन्दी अनुवाद)

फैक्ट चेकः
DFRAC की टीम ने जांच में पाया कि पीएम मोदी ने इजरायली संसद नेसेट में ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। PM मोदी का वायरल बयान डिजिटली अल्टर्ड है। ओरिजिनल वीडियो में पीएम मोदी ने आतंकवाद, शांति और वैश्विक चुनौतियों पर बात कही थी। जांच के दौरान हमने पाया कि वायरल वीडियो में मिंट और हिन्दुस्तान टाइम्स का लोगो दिख रहा है। जिसके बाद हमारी टीम ने मिंट के ऑफिशियल यूट्यूब पर वायरल वीडियो को सर्च किया। हमें लाइव सेक्शन में यही वीडियो मिला। इस वीडियो के 1ः07ः00 पर पीएम मोदी के वायरल हिस्से को देखा जा सकता है, जिसमें पीएम मोदी कहते हैं कि आतंकवाद पर दोहरा मापदंड नहीं चलेगा और आतंकवाद के खिलाफ समन्वित वैश्विक कार्रवाई की जरूरत है।
निष्कर्षः
DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि पीएम मोदी के वीडियो को डिजिटली मैनिपुलेट किया गया है। ओरिजिनल वीडियो में पीएम मोदी ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। इसलिए पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स के दावे पूरी तरह से फेक और मनगढ़ंत हैं।

