Madrasa-Jhansi

फैक्ट चेकः झांसी में मदरसे से विस्फोटक मिलने का भ्रामक दावा किया गया

Fact Check hi Featured Misleading

सोशल मीडिया पर एक वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश के झांसी में एक मदरसे से विस्फोटक सामग्री बरामद हुआ है, जिसके बाद पुलिस ने मौलाना को हिरासत में लेकर मदरसे को सील कर दिया है। वायरल वीडियो पर टेक्स्ट लिखा है, ‘मदरसों में ताला जरूरी क्यों? उत्तर प्रदेश के झांसी में पुलिस ने मौलाना को हिरासत में लिया। मदरसे में मिला विस्फोटक सामग्री। नगर निगम ने किया मदरसे को सील। देख लो शांतिदूतों मदरसे में कितना शांति का ज्ञान दिया जाता है और फिर बोलेंगे आतंकवादी का धर्म नहीं होता है।’

इस वीडियो को शेयर करते हुए Minakshi Shriyan नामक यूजर ने लिखा, ‘झांसी में मदरसे में विस्फोटक सामग्री मिली, फिर ये हमें कहते है कि हम नफरत फैलाते हैं… और क्या बोलूं शांतिदूत मस्जिद में प्रसाद बनाते हुए पकड़े गए हैं… @SupriyaShrinate मैडम आज कल मोहब्बत और नफरत को डिफाइन कर रही हैं जरा एक ट्वीट इस पर भी कर दो…’

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वहीं कई अन्य यूजर्स द्वारा भी इस वीडियो को मस्जिद या मदरसे में विस्फोटक बरामद होने के दावे के साथ शेयर किया जा रहा है, जिसे यहां और यहां देखा जा सकता है।

फैक्ट चेकः

DFRAC की टीम ने वायरल दावे की जांच में पाया कि मदरसा या मस्जिद में विस्फोटक मिलने का दावा भ्रामक है। झांसी पुलिस ने खुद इसका खंडन किया है। पुलिस ने एक पोस्ट में बताया है, ‘दिनांक 25.01.2026 को सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम पर indianewslive-del चैनल के संचालक द्वारा साम्प्रदायिक एवं भ्रामक कैप्शन-“उत्तर प्रदेश के झांसी में, उ0प्र0 पुलिस ने मौलाना को हिरासत में लिया। मस्जिद में विस्फोटक सामग्री मिली, नगर निगम के अधिकारी व कर्मचारी ने सील किया मस्जिद को” – प्रयोग करते हुए तथ्यहीन वीडियो प्रसारित किया गया था, जबकि सत्यता यह थी कि नगर निगम टीम झाँसी द्वारा दिनांक 17.01.2026 को मोहल्ला इस्लामगंज, चौकी क्षेत्र पुलिया नम्बर-09, थाना प्रेमनगर, जनपद झाँसी में उन दुकानदारों की दुकानों को बंद कराया जा रहा था, जिनके द्वारा नगर निगम की बकाया फीस अदा नहीं की गई थी। पुलिस द्वारा तत्काल संज्ञान लेते हुए पोस्ट का खंडन किया गया एवं यूज़र के विरुद्ध थाना प्रेमनगर पर तत्काल सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया था।’

निष्कर्षः

DFRAC के फैक्ट चेक से साफ है कि सोशल मीडिया पर वीडियो को भ्रामक दावे के साथ शेयर किया गया है। झांसी पुलिस ने मदरसा या मस्जिद में विस्फोटक मिलने का खंडन करते हुए इसे भ्रामक करार दिया है।